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Ghaziabad News: आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर दस हजार रुपये लेने का आरोप
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में कार्यरत एक कर्मचारी पर आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। महिला ने अस्पताल प्रबंधन से बताया कि दस हजार रुपये ब्याज पर लेकर दिया था। कर्मचारी ने कहा था कि तीन लोगों का गोल्डन कार्ड बनवा देंगे। महिला की बहन और मां का गोल्डन कार्ड बनवा दिया था, दोनों का बीमारी से निधन भी हो चुका है लेकिन, उनका कार्ड अब तक नहीं आया।
चंद्रपुरी निवासी महिला बबीता जैन बुधवार को एमएमजी अस्पताल के सीएमएस से शिकायत की। बबीता ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर ठेके के कर्मचारी ने उनसे 10 हजार रुपये लिए थे। कर्मचारी ने महिला की मां, बहन का गोल्डन कार्ड बनवा दिया लेकिन, उनका कार्ड तीन महीने बाद भी नहीं आया है। बबीता ने बताया कि उनकी बहन और मां का निधन भी हो चुका है। वह 10 हजार रुपये का ब्याज अब तक भर रही हैं। उन्होंने आरोपी कर्मचारी से रुपये दिलाने की है।
सीएमएस ने कर्मचारी को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की तो कर्मचारी ने कार्ड बनवाने के लिए किसी दूसरे आदमी से महिला का संपर्क कराने की बात बताई। इसी बीच सीएमएस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए दूसरे कमरे में चले गए और मामले को अपने सहायक पर छोड़ दिया। सहायक ने शिकायती पत्र को कार्यालय में रिसीव कराने के लिए वापस महिला को दे दिया। इसी बीच आरोपी कर्मचारी ने महिला को कमरे से बाहर ले जाकर मामले को रफादफा करा दिया।
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सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह का कहना है कि महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था। कर्मचारी से बुलाकर पूछताछ की गई थी उसने रुपये लेने से इन्कार कर दिया था। महिला ने लिखित शिकायत नहीं दी अगर, शिकायत मिलेगी तो आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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चंद्रपुरी निवासी महिला बबीता जैन बुधवार को एमएमजी अस्पताल के सीएमएस से शिकायत की। बबीता ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर ठेके के कर्मचारी ने उनसे 10 हजार रुपये लिए थे। कर्मचारी ने महिला की मां, बहन का गोल्डन कार्ड बनवा दिया लेकिन, उनका कार्ड तीन महीने बाद भी नहीं आया है। बबीता ने बताया कि उनकी बहन और मां का निधन भी हो चुका है। वह 10 हजार रुपये का ब्याज अब तक भर रही हैं। उन्होंने आरोपी कर्मचारी से रुपये दिलाने की है।
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सीएमएस ने कर्मचारी को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की तो कर्मचारी ने कार्ड बनवाने के लिए किसी दूसरे आदमी से महिला का संपर्क कराने की बात बताई। इसी बीच सीएमएस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए दूसरे कमरे में चले गए और मामले को अपने सहायक पर छोड़ दिया। सहायक ने शिकायती पत्र को कार्यालय में रिसीव कराने के लिए वापस महिला को दे दिया। इसी बीच आरोपी कर्मचारी ने महिला को कमरे से बाहर ले जाकर मामले को रफादफा करा दिया।
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सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह का कहना है कि महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था। कर्मचारी से बुलाकर पूछताछ की गई थी उसने रुपये लेने से इन्कार कर दिया था। महिला ने लिखित शिकायत नहीं दी अगर, शिकायत मिलेगी तो आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।