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Ghaziabad News: ऑफिस बेचने के बहाने डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने का आरोप
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कौशांबी। मोरटा गांव के वरुण त्यागी ने सात लोगाें पर वैशाली के एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स में कंपनी का ऑफिस बेचने की एवज में डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा कराया है। आरोपियों ने रुपये लेने के बावजूद उन्हें ऑफिस की रजिस्ट्री नहीं की। कौशांबी पुलिस नामजद आरोपियों की जांच कर रही है।
उन्होंने पुलिस को शिकायत दी कि वैशाली निवासी राम सेवक त्यागी और प्रशांत त्यागी से जान पहचान थी। दोनों ने कुछ समय पहले उन्हें अपनी कंपनी का ऑफिस बेचने का झांसा दिया था। उन्हें बताया कि वैशाली सेक्टर-4 के शॉपिंग कॉम्पलेक्स में एक ऑफिस है। इसकी बाजार में अच्छी कीमत है। दोनों ने डेढ़ करोड़ रुपये में ऑफिस का सौदा तय कर लिया। शुरुआत में ही उन्होंने रामसेवक को सात लाख रुपये बयाना दे दिया। बाद में उन्होंने किश्तों में डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उन्होंने रामसेवक से ऑफिस की रजिस्ट्री करने के लिए बोला तो उन्हें तारीख बता दी गई। अब आरोप है कि ऑफिस के करीब डेढ़ करोड़ रुपये लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं की। 16 जनवरी 2024 को जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने अन्य तीन लोगों के साथ मिलकर उनके ऊपर पिस्टल से हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई। उन्होंने कौशांबी थाने में रामसेवक त्यागी, प्रशांत त्यागी, रामसेवक की पत्नी, पोती और तीन अज्ञात लोगाें पर मुकदमा दर्ज कराया है। इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि खाते से हुई लेन-देन के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं।
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उन्होंने पुलिस को शिकायत दी कि वैशाली निवासी राम सेवक त्यागी और प्रशांत त्यागी से जान पहचान थी। दोनों ने कुछ समय पहले उन्हें अपनी कंपनी का ऑफिस बेचने का झांसा दिया था। उन्हें बताया कि वैशाली सेक्टर-4 के शॉपिंग कॉम्पलेक्स में एक ऑफिस है। इसकी बाजार में अच्छी कीमत है। दोनों ने डेढ़ करोड़ रुपये में ऑफिस का सौदा तय कर लिया। शुरुआत में ही उन्होंने रामसेवक को सात लाख रुपये बयाना दे दिया। बाद में उन्होंने किश्तों में डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उन्होंने रामसेवक से ऑफिस की रजिस्ट्री करने के लिए बोला तो उन्हें तारीख बता दी गई। अब आरोप है कि ऑफिस के करीब डेढ़ करोड़ रुपये लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं की। 16 जनवरी 2024 को जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी ने अन्य तीन लोगों के साथ मिलकर उनके ऊपर पिस्टल से हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई। उन्होंने कौशांबी थाने में रामसेवक त्यागी, प्रशांत त्यागी, रामसेवक की पत्नी, पोती और तीन अज्ञात लोगाें पर मुकदमा दर्ज कराया है। इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि खाते से हुई लेन-देन के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं।
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