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Ghaziabad News: अलार्म बजे नहीं, धूल में दबे फायर सिस्टम 59 कोचिंग सेंटरों समेत 62 प्रतिष्ठान सील
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गाजियाबाद। लखनऊ की घटना के बाद जिले में जिम्मेदारों की नींद टूटी है। मंगलवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर नियमों की अनदेखी करने वाले 59 कोचिंग सेंटरों समेत 62 प्रतिष्ठानों को सील किया। अन्य तीन प्रतिष्ठानों में एक नर्सिंग होम व दो होटल शामिल हैं।
इस दौरान फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर खामियां पाई गईं। कहीं फायर अलार्म सिस्टम ने काम नहीं किया तो कहीं अग्निशमन यंत्र धूल से अटे और निष्क्रिय हालत में मिले। हालांकि, देर रात तक कार्रवाई की जद में आए प्रतिष्ठानों के नाम जारी नहीं किए गए। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि हाल में गाजियाबाद और दिल्ली में हुई आग की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग, अस्पतालों व अन्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान 206 संस्थानों में कमियां मिली थीं। सभी को नोटिस जारी किए गए थे।
इसके बाद मंगलवार को जीडीए ने दमकल, पुलिस, प्रशासन के साथ आरडीसी, इंदिरापुरम, साहिबाबाद, शालीमार गार्डन, कौशांबी, वैशाली, राजनगर, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी क्षेत्रों में कार्रवाई की।
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जोन-3 आरडीसी क्षेत्र में एई अनुज कुमार की टीम ने कई नामी कोचिंग सेंटरों की जांच की। यहां 12 संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली। सुरक्षा उपकरण भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। कई कोचिंग सेंटरों में बच्चे बेसमेंट में पढ़ते हुए पाए गए, जिसके बाद इन्हें सील कर दिया गया।
जोन-6 व 7 (साहिबाबाद, राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम) में एई पीयूष सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई हुई। यहां कई आवासीय परिसरों में अवैध रूप से कोचिंग सेंटर चलते मिले। कई जगह फायर एनओसी व निकास द्वार नहीं पाए गए। यहां 20 सेंटर सील किए गए।
जोन-1 (राजनगर एक्सटेंशन) में 12, जोन-4 (प्रताप विहार, विजयनगर) में 10 और जोन-8 (लोनी) में छह संस्थानों पर कार्रवाई की गई। जीडीए वीसी ने बताया कि आरडब्ल्यूए को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपात निकास मार्ग व अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने दावा किया कि प्राधिकरण ने अग्निशमन विभाग को क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। इससे आधुनिक उपकरण और फायर फाइटिंग सिस्टम खरीदे जा रहे हैं।
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इस दौरान फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर खामियां पाई गईं। कहीं फायर अलार्म सिस्टम ने काम नहीं किया तो कहीं अग्निशमन यंत्र धूल से अटे और निष्क्रिय हालत में मिले। हालांकि, देर रात तक कार्रवाई की जद में आए प्रतिष्ठानों के नाम जारी नहीं किए गए। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि हाल में गाजियाबाद और दिल्ली में हुई आग की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग, अस्पतालों व अन्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान 206 संस्थानों में कमियां मिली थीं। सभी को नोटिस जारी किए गए थे।
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इसके बाद मंगलवार को जीडीए ने दमकल, पुलिस, प्रशासन के साथ आरडीसी, इंदिरापुरम, साहिबाबाद, शालीमार गार्डन, कौशांबी, वैशाली, राजनगर, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी क्षेत्रों में कार्रवाई की।
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जोन-3 आरडीसी क्षेत्र में एई अनुज कुमार की टीम ने कई नामी कोचिंग सेंटरों की जांच की। यहां 12 संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली। सुरक्षा उपकरण भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। कई कोचिंग सेंटरों में बच्चे बेसमेंट में पढ़ते हुए पाए गए, जिसके बाद इन्हें सील कर दिया गया।
जोन-6 व 7 (साहिबाबाद, राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम) में एई पीयूष सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई हुई। यहां कई आवासीय परिसरों में अवैध रूप से कोचिंग सेंटर चलते मिले। कई जगह फायर एनओसी व निकास द्वार नहीं पाए गए। यहां 20 सेंटर सील किए गए।
जोन-1 (राजनगर एक्सटेंशन) में 12, जोन-4 (प्रताप विहार, विजयनगर) में 10 और जोन-8 (लोनी) में छह संस्थानों पर कार्रवाई की गई। जीडीए वीसी ने बताया कि आरडब्ल्यूए को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपात निकास मार्ग व अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने दावा किया कि प्राधिकरण ने अग्निशमन विभाग को क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। इससे आधुनिक उपकरण और फायर फाइटिंग सिस्टम खरीदे जा रहे हैं।