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वायुसेना दिवस: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की विजय गाथा को याद दिलाएगा 89वां एयरफोर्स डे
Thu, 07 Oct 2021 12:16 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 07 Oct 2021 12:16 AM IST
सार
कार्यक्रम में बताया जाएगा कि 1971 में वायुसेना ने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और कैसे जवानों ने करीब छह हजार उड़ान भरकर विजय का पताका लहराया। इसके बाद ही पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग हुआ।
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फाइल फोटो
- फोटो : प्रद्युम्न
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विस्तार
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को वायुसेना के 89वें स्थापना दिवस पर 1971 में हुए भारत पाकिस्तान युद्ध की विजय गाथा को भी दिखाया जाएगा। भारत पाकिस्तान युद्ध के पचास वर्ष पूरे होने पर वायुसेना इस वर्ष को विजय वर्ष के रूप में समर्पण कर रही है। वायुसेना दिवस पर लगने वाले विमानों की प्रदर्शनी में पाक से युद्ध में महत्वपूर्ण रोल निभाने वाले फाइटर प्लेन डिनैट को बीच में जगह दी गई है।
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शुक्रवार को आत्मनिर्भर एवं सक्षम थीम पर 89वां एयरफोर्स डे मनाया जाएगा। कार्यक्रम में बताया जाएगा कि 1971 में वायुसेना ने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और कैसे जवानों ने करीब छह हजार उड़ान भरकर विजय का पताका लहराया। इसके बाद ही पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग हुआ।
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डिनैट की भूमिका पर रहेगा फोकस
इस दौरान बताया जाएगा कि कैसे दिसंबर 1971 में पाकिस्तान के छह फाइटर प्लेन ने श्रीनगर स्टेशन पर हमला बोलकर युद्ध की शुरुआत की। जिसके बाद भारत ने अपने लड़ाकू विमान डिनैट की मदद से पाकिस्तान को हराया। इस युद्ध में डिनैट लड़ाकू विमान का अहम रोल रहा। जिसके चलते इस बार डिनैट को विमानों की प्रदर्शनी में बीच में जगह दी गई है। इस एक सिंगल सीटर विमान ने युद्ध के दौरान पाकिस्तान के फाइटर प्लेन को खदेड़ने के साथ ही दो विमानों को नष्ट कर दिया था।
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यह लड़ाई भारतीय वायुसेना की सबसे फाइन वॉर रही। इस दौरान जान की बाजी लड़ाने वाले एक जवान को एक परमवीर चक्र, 13 को महावीर चक्र और 130 वीर चक्र जवानों को दिए गए थे। वायुसेना इस वर्ष को विजय वर्ष के रूप में मना रही है। इस दौरान भारतीय वायुसेना विभिन्न गतिविधियों का आयोजन देश भर में करेगी।