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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: पता ही नहीं चला कंचे खेलते-खेलते शकील कब बम से खेलने लगा, अब मिली फांसी की सजा

Sat, 19 Feb 2022 12:38 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 19 Feb 2022 12:38 AM IST
सार

बचपन में ही शकील बाहर रहने लगा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो जाएगा। गांव के एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि बम धमाकों में नाम सामने आने के बाद परिवार के सदस्य इस गांव को छोड़कर चले गए थे।

Ahmedabad bomb blast case bulandshahr shakeel gets death sentence relatives says when he started bomb making we never realised
2008 अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट के दोषी और उस समय की तस्वीरें - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अहमदाबाद के सीरियल बम धमाकों में शुक्रवार को 38 दोषियों के साथ फांसी की सजा पाने वाला मोहम्मद शकील बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र के लोहरका का का निवासी है। उसका परिवार कई साल पहले लोहारका से दिल्ली जाकर बस गया था।  शकील का नाम  दिल्ली के बम धमाकों में भी सामने आया था।



लोहारका में शकील का घर अब खंडहर बन चुका है। दीवारों का सीमेंट भी झड़ चुका है। आस-पास झाड़ियां उगी हुई हैं। ग्रामीण बताते हैं कि शकील कंचे और गिल्ली डंडा खेला करता था। देखने में एक सामान्य लड़का लगता था।


बचपन में ही शकील बाहर रहने लगा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो जाएगा। गांव के एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि बम धमाकों में नाम सामने आने के बाद परिवार के सदस्य इस गांव को छोड़कर चले गए थे। उनके दिल्ली में रहने की जानकारी मिली थी।
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लोहारका के ग्रामीणों ने बताया कि शकील के पिता लोहार का काम करते थे। वह सात भाई थे। उसके परिवार से लंबे समय से उन लोगों का ताल्लुक नहीं है। अब परिवार कहां रहता है, क्या करता है, इस बारे में वह कुछ नहीं जानते। गांववालों का कहना है कि यह तो स्पष्ट नहीं है कि परिवार को गैंग में शामिल होने की जानकारी थी या नहीं? लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद परिवार ने जो दर्द झेला, उस यातना को वही जान सकते हैं।


लोहरका के जंगल मे मिले थे हैंड ग्रेनेड
वर्ष 2007 में खाजपुर/लोहरका के जंगलों में क्रिकेट खेल रहे कुछ युवकों को एक बंद पोटली में कई हैंड ग्रेनेड बम मिले थे। बाद में इन बमों को पुलिस ले गई थी। आशंका थी कि शकील ने ही इन बमों को यहां लाकर छुपाया है।

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