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Ghaziabad News: पांच रुपये के लिए 23 महीने लड़ी कानूनी लड़ाई
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गाजियाबाद। तय रूट पर बस नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने आदेश दिया कि उपभोक्ता को बकाया पांच रुपये का भुगतान करें। आयोग के अध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन ने निर्णय में रेडबस को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानते हुए 45 दिन के भीतर उपभोक्ता को बकाया पांच रुपये के साथ मुकदमे पर हुए व्यय के पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया। आयोग ने राजस्थान परिवहन निगम और फोन पे के खिलाफ दर्ज परिवाद खारिज कर दिया। गोविंदपुरम के बालाजी एनक्लेव निवासी अधिवक्ता नरेश कुमार ने 17 अगस्त 2023 को रेडबस लिंक के माध्यम से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बस आनंद विहार दिल्ली से भिवाड़ी (अलवर) जाने के लिए बुक की थी। टिकट की राशि 96.35 रुपये थी। बुकिंग के बाद उन्हें व्हाट्सएप और ईमेल पर टिकट मिल गया था।
इसमें बोर्डिंग स्थान केवल दिल्ली अंकित था। कस्टमर केयर से बात करने पर बताया कि उन्होंने आनंद विहार बोर्डिंग पॉइंट चुना था, लेकिन सिर्फ दिल्ली लिखे होने से भ्रम की स्थिति बनी। कस्टमर केयर अधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि बस आनंद विहार से ही चलेगी। अगले दिन वह सुबह 8 बजे आनंद विहार पहुंचे, लेकिन पूछताछ केंद्र से जानकारी मिली कि वहां से भिवाड़ी के लिए कोई बस नहीं चलती।
इससे उन्हें मानसिक आघात हुआ। शिकायत के बाद रेडबस ने मात्र 91.35 रुपये वापस किए। इसके बाद नरेश कुमार ने अक्तूबर में उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। विपक्षी रेडबस ने जवाब नहीं दिया, जिससे मामला एकपक्षीय रूप से स्वीकार किया गया। वहीं, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने कहा कि रेडबस थर्ड पार्टी एप है, बोर्डिंग पॉइंट की जानकारी देना उसकी जिम्मेदारी है।
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इसमें बोर्डिंग स्थान केवल दिल्ली अंकित था। कस्टमर केयर से बात करने पर बताया कि उन्होंने आनंद विहार बोर्डिंग पॉइंट चुना था, लेकिन सिर्फ दिल्ली लिखे होने से भ्रम की स्थिति बनी। कस्टमर केयर अधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि बस आनंद विहार से ही चलेगी। अगले दिन वह सुबह 8 बजे आनंद विहार पहुंचे, लेकिन पूछताछ केंद्र से जानकारी मिली कि वहां से भिवाड़ी के लिए कोई बस नहीं चलती।
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इससे उन्हें मानसिक आघात हुआ। शिकायत के बाद रेडबस ने मात्र 91.35 रुपये वापस किए। इसके बाद नरेश कुमार ने अक्तूबर में उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। विपक्षी रेडबस ने जवाब नहीं दिया, जिससे मामला एकपक्षीय रूप से स्वीकार किया गया। वहीं, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने कहा कि रेडबस थर्ड पार्टी एप है, बोर्डिंग पॉइंट की जानकारी देना उसकी जिम्मेदारी है।
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