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बड़े लड़ैया पर रहेगी साढ़े पांच लाख मुस्लिम मतदाताओं की नजर
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बड़े ‘लड़ैया’ पर रहेगी 5.5 लाख मुस्लिम मतदाताओं की नजर
गाजियाबाद। गठबंधन और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो चुकी है। इनमें से किसी भी पार्टी से मुस्लिम नेता को टिकट नहीं मिला है। ऐसे में गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के करीब 5.5 लाख मुस्लिम मतदाताओं की नजरें अब ऐसे ‘सबसे बड़े लड़ैया’ पर रहेगी, जो भाजपा को हरा सके। हालांकि बीते कुछ वर्षों में कुछ मुस्लिम मतदाता भाजपा से भी जुड़े हैं, लेकिन वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो गैर भाजपाई ‘लड़ैया’ मुस्लिम मतदाताओं की पहली पसंद बन सकता है। वहीं डॉली शर्मा के मैदान में आने से भाजपा के ब्राह्मण वोट बैंक में भी सेंध लग सकती है। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में करीब साढ़े पांच लाख मुस्लिम मतदाता इस बार अहम भूमिका में हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ था। अलबत्ता एनसीआर की गाजियाबाद सीट पर इसका असर कम था और मुस्लिम मतदाता कांग्रेस, सपा और बसपा में बंट गए थे। हालांकि सच्चाई यह भी है कि कैला भट्ठा जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र के बूथों पर भी भाजपा प्रत्याशी को वोट मिले थे। इस बार सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन हो जाने से तीनों दलों का एक संयुक्त प्रत्याशी है और दूसरा प्रत्याशी कांग्रेस का है। ऐसे में इस बार माना जा रहा है कि मुस्लिम वोटों का बंटवारा ज्यादा नहीं हो सकेगा। इस बार भी वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो मुस्लिम मतदाता की नजर ऐसे में प्रत्याशी पर होंगी, जो बड़ा ‘लड़ैया’ और जीत के करीब होगा।
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कैराना और फूलपुर उपचुनाव को मॉडल बनाना चाहता है विपक्ष
यूपी की फूलपुर और कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में विपक्ष ने मुस्लिम मतों को एकजुट कर भाजपा के हाथ से दोनों सीट छीन ली थी। ऐसे में विपक्ष सामान्य लोकसभा चुनाव में भी इसी रणनीति को मॉडल बनाकर चुनाव लड़ना चाहता है। यूपी में सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन भी इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष अच्छी तरह जानता है कि भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट कर अपने पाले में लाना जरूरी है।
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25 फीसदी से ज्यादा वोट हैं मुस्लिमों के
सबसे ज्यादा करीब 30 फीसदी मुस्लिम मतदाता लोनी विधानसभा क्षेत्र में है। इसके बाद साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में भी करीब 25 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता हैं। कुल मिलाकर गाजियाबाद लोकसभा सीट पर मुस्लिमों की बड़ी तादाद है। कुल मिलाकर गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में 25 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं।
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आंकड़ों में 2014 लोकसभा चुनाव परिणाम
पार्टी प्रत्याशी मिले मतों की संख्या
भाजपा वीके सिंह 758482
कांग्रेस राजबब्बर 191222
बसपा मुकुल उपाध्याय 173085
सपा सुधन रावत 106984
आप शाजिया इल्मी 89147
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गाजियाबाद। गठबंधन और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो चुकी है। इनमें से किसी भी पार्टी से मुस्लिम नेता को टिकट नहीं मिला है। ऐसे में गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के करीब 5.5 लाख मुस्लिम मतदाताओं की नजरें अब ऐसे ‘सबसे बड़े लड़ैया’ पर रहेगी, जो भाजपा को हरा सके। हालांकि बीते कुछ वर्षों में कुछ मुस्लिम मतदाता भाजपा से भी जुड़े हैं, लेकिन वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो गैर भाजपाई ‘लड़ैया’ मुस्लिम मतदाताओं की पहली पसंद बन सकता है। वहीं डॉली शर्मा के मैदान में आने से भाजपा के ब्राह्मण वोट बैंक में भी सेंध लग सकती है। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में करीब साढ़े पांच लाख मुस्लिम मतदाता इस बार अहम भूमिका में हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ था। अलबत्ता एनसीआर की गाजियाबाद सीट पर इसका असर कम था और मुस्लिम मतदाता कांग्रेस, सपा और बसपा में बंट गए थे। हालांकि सच्चाई यह भी है कि कैला भट्ठा जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र के बूथों पर भी भाजपा प्रत्याशी को वोट मिले थे। इस बार सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन हो जाने से तीनों दलों का एक संयुक्त प्रत्याशी है और दूसरा प्रत्याशी कांग्रेस का है। ऐसे में इस बार माना जा रहा है कि मुस्लिम वोटों का बंटवारा ज्यादा नहीं हो सकेगा। इस बार भी वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो मुस्लिम मतदाता की नजर ऐसे में प्रत्याशी पर होंगी, जो बड़ा ‘लड़ैया’ और जीत के करीब होगा।
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कैराना और फूलपुर उपचुनाव को मॉडल बनाना चाहता है विपक्ष
यूपी की फूलपुर और कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में विपक्ष ने मुस्लिम मतों को एकजुट कर भाजपा के हाथ से दोनों सीट छीन ली थी। ऐसे में विपक्ष सामान्य लोकसभा चुनाव में भी इसी रणनीति को मॉडल बनाकर चुनाव लड़ना चाहता है। यूपी में सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन भी इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष अच्छी तरह जानता है कि भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट कर अपने पाले में लाना जरूरी है।
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25 फीसदी से ज्यादा वोट हैं मुस्लिमों के
सबसे ज्यादा करीब 30 फीसदी मुस्लिम मतदाता लोनी विधानसभा क्षेत्र में है। इसके बाद साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में भी करीब 25 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता हैं। कुल मिलाकर गाजियाबाद लोकसभा सीट पर मुस्लिमों की बड़ी तादाद है। कुल मिलाकर गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में 25 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं।
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आंकड़ों में 2014 लोकसभा चुनाव परिणाम
पार्टी प्रत्याशी मिले मतों की संख्या
भाजपा वीके सिंह 758482
कांग्रेस राजबब्बर 191222
बसपा मुकुल उपाध्याय 173085
सपा सुधन रावत 106984
आप शाजिया इल्मी 89147