फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   सस्ते आवास जल्द, प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा जीडीए

सस्ते आवास जल्द, प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा जीडीए

Sat, 02 Sep 2017 05:23 PM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 05:23 PM IST
विज्ञापन
सस्ते आवास जल्द, प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा जीडीए
सस्ते आवास जल्द, प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा जीडीए
विज्ञापन

निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बनाए जाने वाले सस्ते आवास के निर्माण में अब बिल्डर देर नहीं कर सकेंगे। लंबे समय से इन आवास को बनाकर देने में बहानेबाजी कर रहे बिल्डरों को अब जल्द ही इनका निर्माण कार्य पूरा करना होगा। इसके लिए जीडीए की कमेटी सभी 18 बिल्डर्स के प्रोजेक्ट पर नजर रखेगी। कभी भी बिल्डर ने काम में लापरवाही दिखाई तो उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बताया कि विगत सरकार के कार्यकाल के दौरान बिल्डरों को सस्ते आवास बनाकर देने थे। इसके लिए आवेदन से लेकर आवंटन प्रक्रिया तक भी पूरी कर ली गई थी। कई साल बीत जाने के बावजूद निजी बिल्डर इन आवासों को बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। वीसी ने बताया कि विगत दो दिनों के दौरान संसदीय कार्य एवं शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता वाली यूपी के तीन मंत्रियों की कमेटी ने बिल्डरों के साथ बैठक की थी। इसमें सभी बिल्डरों को मंत्रियों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जल्द ही अगर सस्ते आवास तैयार नहीं किए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पर सभी बिल्डरों ने सस्ते आवास बनाए जाने की समय सीमा निर्धारित कर दी। वीसी के अनुसार 18 बिल्डरों में से ज्यादातर ने दिसंबर तक आवास बनाकर देने की बात कही है। इसी के चलते मंत्रियों ने इन बिल्डरों पर निगरानी के लिए जीडीए अफसरों की टीम बनाए जाने के आदेश दिए हैं। 31 दिसंबर तक जीडीए की यह टीम प्रत्येक 15 दिन बार बिल्डर प्रोजेक्ट का भौतिक सत्यापन करेगी। इस दौरान अगर कहीं भी काम प्रभावित मिला तो संबंधित बिल्डर के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed