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शहर में ग्रीन-येलो और रेड वार्ड चिह्नित करेगा नगर निगम
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शहर में ग्रीन,येलो और रेड वार्ड चिह्नित करेगा नगर निगम
गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम नई प्लानिंग पर काम करेगा। शहर के 100 वार्डों को अब स्वच्छता की दृष्टि से ग्रीन, येलो और रेड श्रेणी में बांटा जाएगा। ग्रीन कैटेगरी में ऐसे वार्डों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 100 फीसदी कचरे का पृथकीकरण और निस्तारण हो रहा हो। येलो और रेड श्रेणी के वार्डों में कूड़ा निस्तारण पर बेहतर काम करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे पहले ग्रीन कैटेगरी के पांच वार्डों को चिह्नित किया जाएगा। प्रत्येक जोन में सबसे स्वच्छ और 100 फीसदी कचरा निस्तारण वाले वार्डों को चिह्नित कर वहां के लोगों को और जागरूक किया जाएगा। इन वार्डों के सभी घरों में गीला और सूखा कचरे को अलग इकट्ठा कराया जाएगा। इस श्रेणी के वार्डों के दुकानदारों, स्कूलों, अस्पतालों में भी यह व्यवस्था लागू कराई जाएगी।
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येलो और रेड श्रेणी के वार्डों में करेंगे ज्यादा मेहनत
नगर निगम येलो श्रेणी में उन वार्डों को शामिल करेगा, जिनमें घरों में कचरे के पृथकीकरण, कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था 50 फीसदी या इससे ज्यादा क्षेत्र में होगी। रेड श्रेणी में उन वार्डों को शामिल किया जाएगा जिनमें यह व्यवस्था 50 फीसदी से कम या आंशिक रूप से लागू होगी। वार्डों की श्रेणी तय करने के बाद उनमें स्वच्छता पर काम किया जाएगा।
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हर महीने 5 नए वार्डों को ग्रीन श्रेणी में लाएगा निगम
निगम अधिकारियों के मुताबिक लक्ष्य तय किया जाएगा कि हर महीने येलो श्रेणी के पांच वार्डों में स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण का स्तर सुधारकर उन्हें ग्रीन श्रेणी में शामिल कर दिया जाए। इस लक्ष्य पर निगम की टीम काम करेगी और सफलता हासिल करेगी। इन पांच वार्डों में प्रत्येक जोन का एक-एक वार्ड शामिल रहेगा।
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सबसे स्वच्छ वार्ड का मिल चुका सम्मान
गाजियाबाद के संजय नगर वार्ड को प्रदेश के सबसे स्वच्छ वार्डों में दूसरा स्थान मिला था। बीते साल यह प्रतियोगिता नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश स्तर पर कराई थी। संजय नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, पृथकीकरण और कचरे की निस्तारण की व्यवस्था सबसे अच्छी थी।
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नगर आयुक्त के निर्देश पर वार्डों को हरे, पीले और लाल रंग के आधार पर श्रेणी में बांटकर उनमें स्वच्छता का स्तर बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही वार्डों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कैटेगरी में वार्डों को बांटकर सफाई पर काम करना ज्यादा प्रभावी होगा। निगम को पता रहेगा कि किस वार्ड में स्वच्छता का स्तर क्या है और अभी इस पर कितना काम करना है। - वीपी शर्मा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम नई प्लानिंग पर काम करेगा। शहर के 100 वार्डों को अब स्वच्छता की दृष्टि से ग्रीन, येलो और रेड श्रेणी में बांटा जाएगा। ग्रीन कैटेगरी में ऐसे वार्डों को शामिल किया जाएगा, जिनमें 100 फीसदी कचरे का पृथकीकरण और निस्तारण हो रहा हो। येलो और रेड श्रेणी के वार्डों में कूड़ा निस्तारण पर बेहतर काम करने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे पहले ग्रीन कैटेगरी के पांच वार्डों को चिह्नित किया जाएगा। प्रत्येक जोन में सबसे स्वच्छ और 100 फीसदी कचरा निस्तारण वाले वार्डों को चिह्नित कर वहां के लोगों को और जागरूक किया जाएगा। इन वार्डों के सभी घरों में गीला और सूखा कचरे को अलग इकट्ठा कराया जाएगा। इस श्रेणी के वार्डों के दुकानदारों, स्कूलों, अस्पतालों में भी यह व्यवस्था लागू कराई जाएगी।
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येलो और रेड श्रेणी के वार्डों में करेंगे ज्यादा मेहनत
नगर निगम येलो श्रेणी में उन वार्डों को शामिल करेगा, जिनमें घरों में कचरे के पृथकीकरण, कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था 50 फीसदी या इससे ज्यादा क्षेत्र में होगी। रेड श्रेणी में उन वार्डों को शामिल किया जाएगा जिनमें यह व्यवस्था 50 फीसदी से कम या आंशिक रूप से लागू होगी। वार्डों की श्रेणी तय करने के बाद उनमें स्वच्छता पर काम किया जाएगा।
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हर महीने 5 नए वार्डों को ग्रीन श्रेणी में लाएगा निगम
निगम अधिकारियों के मुताबिक लक्ष्य तय किया जाएगा कि हर महीने येलो श्रेणी के पांच वार्डों में स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण का स्तर सुधारकर उन्हें ग्रीन श्रेणी में शामिल कर दिया जाए। इस लक्ष्य पर निगम की टीम काम करेगी और सफलता हासिल करेगी। इन पांच वार्डों में प्रत्येक जोन का एक-एक वार्ड शामिल रहेगा।
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सबसे स्वच्छ वार्ड का मिल चुका सम्मान
गाजियाबाद के संजय नगर वार्ड को प्रदेश के सबसे स्वच्छ वार्डों में दूसरा स्थान मिला था। बीते साल यह प्रतियोगिता नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश स्तर पर कराई थी। संजय नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, पृथकीकरण और कचरे की निस्तारण की व्यवस्था सबसे अच्छी थी।
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नगर आयुक्त के निर्देश पर वार्डों को हरे, पीले और लाल रंग के आधार पर श्रेणी में बांटकर उनमें स्वच्छता का स्तर बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही वार्डों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कैटेगरी में वार्डों को बांटकर सफाई पर काम करना ज्यादा प्रभावी होगा। निगम को पता रहेगा कि किस वार्ड में स्वच्छता का स्तर क्या है और अभी इस पर कितना काम करना है। - वीपी शर्मा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी