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सौर ऊर्जा प्लांट में डूब सकते हैं जीडीए के 2.70 करोड़

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 05:48 PM IST
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2.70 crore of GDA may sink in solar power plant
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय। - फोटो : AMAR UJALA
सबहेडः- जीडीए ने बगैर पॉलिसी जांचें सिटी फॉरेस्ट में लगा दिया 500 केवीए का सौर ऊर्जा प्लांट, पावर कॉरपोरेशन का बिजली खरीद से इंकार, लगाना होगा एक और प्लांट -- पावर परचेज एग्रीमेंट के नियम में न्यूनतम 1000 केवीए का प्लांट लगाना है जरूरी, बीते एक साल से सिटी फॉरेस्ट में तैयार खड़ा है सोलर प्लांट प्रद्युम्न उपाध्याय गाजियाबाद। सिटी फॉरेस्ट में 2.70 करोड़ की लागत से लगाए गए सौर ऊर्जा प्लांट में जीडीए को घाटा उठाना पड़ सकता है। नियमों का हवाला देते हुए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सौर ऊर्जा प्लांट की बिजली खरीदने से साफ इंकार कर दिया है। बिजली खरीद के लिए पावर कॉरपोरेशन के पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) में न्यूनतम 1000 केवीए का सौर ऊर्जा प्लांट होना जरूरी है। ऐसे में कॉरपोरेशन की पॉलिसी की पड़ताल किए बगैर जीडीए ने 500 केवीए का सौर ऊर्जा प्लांट सिटी फॉरेस्ट में लगा दिया। पावर कॉरपोरेशन को बिजली बेचने के लिए अब जीडीए को इतनी क्षमता का एक और सौर ऊर्जा प्लांट लगाना होगा। 500 केवीए का नया सौर ऊर्जा प्लांट लगाने पर जीडीए पर करीब 3 करोड़ का भार पड़ेगा। इसके बाद ही जीडीए पावर कॉरपोरेशन के साथ बिजली बेचने के लिए करार कर पाएगा। ऐसे में जीडीए को अब खुद ही सौर ऊर्जा प्लांट की बिजली का उपयोग करना होगा। वर्तमान में जीडीए ने सिटी फॉरेस्ट के 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 500 केवीए का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया है। नया प्लांट लगाने के लिए जीडीए को इतनी ही जगह की जरूरत पड़ेगी। बता दें कि जीडीए ने बीएचईएल के जरिए सिटी फॉरेस्ट में 500 केवीए का सौर ऊर्जा प्लांट लगवाया था। सौर ऊर्जा प्लांट को लगाने का काम मई 2019 में पूरा हो गया था। प्लांट के जरिए जीडीए की योजना 90 फ़ीसदी बिजली को पावर कॉरपोरेशन को बेचकर आय अर्जित करने और 10 फ़ीसदी बिजली का इस्तेमाल सिटी फॉरेस्ट में करने की थी। प्लांट लगने के बाद पावर कॉरपोरेशन से करार के लिए जीडीए ने लगातार प्रयास किए। लेकिन पावर परचेज एग्रीमेंट की शर्तों का हवाला देकर पावर कॉरपोरेशन ने बिजली खरीदने से साफ इंकार कर दिया है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि पावर कॉरपोरेशन से करार के लिए बातचीत जारी है। ---------------------- पॉलिसी का अध्ययन न करने से जीडीए को करोड़ों की चपत सौर ऊर्जा प्लांट लगाने में अधिकारियों की लापरवाही जीडीए को भारी पड़ रही है। प्लांट लगाने से पहले जीडीए अधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन की पॉलिसी का सही से अध्ययन नहीं किया। इसी के कारण कम क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट लग गया। ऐसे में जीडीए को करोड़ों की चपत लग गई है। सौर ऊर्जा प्लांट से बिजली बेचने के लिए प्राधिकरण को इतनी ही क्षमता का एक और प्लांट लगवाना होगा। ------------------- जीडीए कर रहा पत्राचार, कारपोरेशन ने स्थिति की साफ सिटी फॉरेस्ट में लगाए गए सौर ऊर्जा प्लांट से बिजली खरीद के लिए करार करने के उद्देश्य से जीडीए की ओर से लगातार पावर कॉरपोरेशन से पत्राचार किया जा रहा है। लेकिन पावर कॉरपोरेशन अधिकारियों ने जीडीए को करार न कर पाने संबंधी स्थिति के बारे में अवगत करा दिया। ----------------- कोट.... बिजली खरीद के लिए पावर कॉरपोरेशन की पॉलिसी के तहत न्यूनतम 1000 केवीए का सौर ऊर्जा प्लांट आना अनिवार्य है। सिटी फॉरेस्ट में 500 केवीए की क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया गया है। ऐसे में करार नहीं हो सकने के बाबत जीडीए को जानकारी दे दी गई है। पावर परचेज एग्रीमेंट के लिए जीडीए को इतनी क्षमता का एक और प्लांट लगाना होगा। -- आरके राणा, मुख्य अभियंता, पावर कॉरपोरेशन -------------------
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