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कचरा प्रबंधन सिखाया पर कूड़ा नहीं हटाया
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:56 AM IST
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कचरा प्रबंधन सिखाया पर कूड़ा नहीं हटाया
गाजियाबाद। शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश देने और बच्चों को सफाई का पाठ पढ़ाने के बाद जिला प्रशासन, जीडीए और नगर निगम के अफसर खुद स्वच्छता का मंत्र भूल गए। दो दिवसीय कचरा महोत्सव के बाद आयोजन स्थल कविनगर रामलीला मैदान पर कूढ़े, कचरे के ढेर यह बयां कर रहे हैं। महोत्सव स्थल पर एक दिन बाद अधिकारी और कर्मचारी सफाई कराने की जगह थकान मिटाते नजर आए।
महानगर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के उद्देश्य से आयोजित हुए महोत्सव में दो दिन कचरा समाधान से जुड़ी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। विभिन्न स्टॉल्स में बच्चों ने अपने हुनर और रचनात्मकता के जरिए कूड़े को जरूरत की वस्तुओं का आकार दिया। महोत्सव में अफसरों के साथ ही मंत्रियों ने सफाई को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कीं। लेकिन महोत्सव खत्म होने के बाद आयोजन स्थल पर वास्तविकता दिखाई दी। महोत्सव खत्म होने ही कविनगर रामलीला मैदान में हर ओर कूड़े का ढेर दिखाई दिया। जीडीए व नगर निगम की ओर से मैदान में फैला कूड़े को साफ कराने के लिए शाम तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
महोत्सव में खर्च हुए लाखों रुपये
कचरा महोत्सव को सफल बनाने में जिला प्रशासन, जीडीए और नगर निगम ने कोई कसर नहीं छोड़ी। महोत्सव के प्रचार-प्रसार के साथ कविनगर रामलीला मैदान में की गई व्यवस्थाओं पर लाखों का खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन महोत्सव के बजट को लेकर अफसर कुछ बोलने से बचते दिखाई दिए। जीडीए अफसरों ने विभिन्न एजेंसियों की ओर से बिल नहीं आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। अन्य अफसरों ने बजट की तीन-चार दिनों में स्थिति साफ होने की बात कही।
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मैदान में टहलने आने वाले भी लौटे
महानगर की पॉश कालोनियों में शुमार कविनगर के रामलीला मैदान में दो दिन महोत्सव की रौनक रही। महोत्सव के एक दिन बाद ही लगे कूड़े ढेर के चलते मैदान में रोजाना सुबह टहलने आने वालों ने वॉकिंग से परहेज किया। बच्चे भी खेलने नहीं पहुंचे।
स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, जीडीए व नगर निगम की ओर से संयुक्त प्रयास किया गया है। कार्यक्रम के चलते शहर में कचरा समाधान में अर्से से लगे कई लोग सामने आए हैं। कचरा निस्तारण के लिए महोत्सव से पहले ही ग्रुप हाउसिंग में बिल्डर्स के लिए नक्शा पास कराने से पहले कूड़ा निस्तारण प्लांट को जरूरी कर दिया गया है। यह लोगों को जागरूक करने का प्रयास था, इसका कितना लाभ हुआ यह भविष्य में मालूम पड़ेगा। महोत्सव सफल रहा है। भविष्य में आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर कूड़ा निस्तारण के अभियान चलाए जाएंगे। - रितु माहेश्वरी, डीएम व उपाध्यक्ष जीडीए
शहर में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ है। बच्चों से लेकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम कर रही तमाम एनजीओं ने इसमें हिस्सा लिया। जो प्रोजेक्ट दिखाए गए वह काबिल-ए-तारीफ है। जहां तक महोत्सव के बाद कूड़ा करकट रामलीला मैदान में फैले रहने की बात है तो शादियों में भी ऐसा होता है। सफाई हो जाएगी। - अतुल गर्ग, प्रदेश खाद्य रसद राज्य मंत्री
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नगर निगम के कर्मचारियों ने दो दिन लगकर महोत्सव को सफल बनाने के लिए काम किया। 40 से ज्यादा स्कूली बच्चों ने अपने आइडिया को प्रदर्शित किया। अगर सफाई में थोड़ी बहुत देरी हुई है तो महोत्सव की आलोचना नहीं होनी चाहिए। आलोचक हर जगह हैं। - आशा शर्मा, मेयर
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- महोत्सव के बाद कुछ सफाई कार्य देर रात ही करा दिया गया था। टेंट व अन्य सामान जब हटा तो जो कूड़ा करकट निकला उसे अगले दिन हटा दिया गया। महोत्सव में भीड़ काफी थी। इसलिए थोड़ी बहुत गंदगी रह गई होगी, उसे हटवा दिया जाएगा। - डा. आरबी सुमन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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गाजियाबाद। शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश देने और बच्चों को सफाई का पाठ पढ़ाने के बाद जिला प्रशासन, जीडीए और नगर निगम के अफसर खुद स्वच्छता का मंत्र भूल गए। दो दिवसीय कचरा महोत्सव के बाद आयोजन स्थल कविनगर रामलीला मैदान पर कूढ़े, कचरे के ढेर यह बयां कर रहे हैं। महोत्सव स्थल पर एक दिन बाद अधिकारी और कर्मचारी सफाई कराने की जगह थकान मिटाते नजर आए।
महानगर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के उद्देश्य से आयोजित हुए महोत्सव में दो दिन कचरा समाधान से जुड़ी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। विभिन्न स्टॉल्स में बच्चों ने अपने हुनर और रचनात्मकता के जरिए कूड़े को जरूरत की वस्तुओं का आकार दिया। महोत्सव में अफसरों के साथ ही मंत्रियों ने सफाई को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कीं। लेकिन महोत्सव खत्म होने के बाद आयोजन स्थल पर वास्तविकता दिखाई दी। महोत्सव खत्म होने ही कविनगर रामलीला मैदान में हर ओर कूड़े का ढेर दिखाई दिया। जीडीए व नगर निगम की ओर से मैदान में फैला कूड़े को साफ कराने के लिए शाम तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
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महोत्सव में खर्च हुए लाखों रुपये
कचरा महोत्सव को सफल बनाने में जिला प्रशासन, जीडीए और नगर निगम ने कोई कसर नहीं छोड़ी। महोत्सव के प्रचार-प्रसार के साथ कविनगर रामलीला मैदान में की गई व्यवस्थाओं पर लाखों का खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन महोत्सव के बजट को लेकर अफसर कुछ बोलने से बचते दिखाई दिए। जीडीए अफसरों ने विभिन्न एजेंसियों की ओर से बिल नहीं आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। अन्य अफसरों ने बजट की तीन-चार दिनों में स्थिति साफ होने की बात कही।
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मैदान में टहलने आने वाले भी लौटे
महानगर की पॉश कालोनियों में शुमार कविनगर के रामलीला मैदान में दो दिन महोत्सव की रौनक रही। महोत्सव के एक दिन बाद ही लगे कूड़े ढेर के चलते मैदान में रोजाना सुबह टहलने आने वालों ने वॉकिंग से परहेज किया। बच्चे भी खेलने नहीं पहुंचे।
स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, जीडीए व नगर निगम की ओर से संयुक्त प्रयास किया गया है। कार्यक्रम के चलते शहर में कचरा समाधान में अर्से से लगे कई लोग सामने आए हैं। कचरा निस्तारण के लिए महोत्सव से पहले ही ग्रुप हाउसिंग में बिल्डर्स के लिए नक्शा पास कराने से पहले कूड़ा निस्तारण प्लांट को जरूरी कर दिया गया है। यह लोगों को जागरूक करने का प्रयास था, इसका कितना लाभ हुआ यह भविष्य में मालूम पड़ेगा। महोत्सव सफल रहा है। भविष्य में आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर कूड़ा निस्तारण के अभियान चलाए जाएंगे। - रितु माहेश्वरी, डीएम व उपाध्यक्ष जीडीए
शहर में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ है। बच्चों से लेकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम कर रही तमाम एनजीओं ने इसमें हिस्सा लिया। जो प्रोजेक्ट दिखाए गए वह काबिल-ए-तारीफ है। जहां तक महोत्सव के बाद कूड़ा करकट रामलीला मैदान में फैले रहने की बात है तो शादियों में भी ऐसा होता है। सफाई हो जाएगी। - अतुल गर्ग, प्रदेश खाद्य रसद राज्य मंत्री
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नगर निगम के कर्मचारियों ने दो दिन लगकर महोत्सव को सफल बनाने के लिए काम किया। 40 से ज्यादा स्कूली बच्चों ने अपने आइडिया को प्रदर्शित किया। अगर सफाई में थोड़ी बहुत देरी हुई है तो महोत्सव की आलोचना नहीं होनी चाहिए। आलोचक हर जगह हैं। - आशा शर्मा, मेयर
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- महोत्सव के बाद कुछ सफाई कार्य देर रात ही करा दिया गया था। टेंट व अन्य सामान जब हटा तो जो कूड़ा करकट निकला उसे अगले दिन हटा दिया गया। महोत्सव में भीड़ काफी थी। इसलिए थोड़ी बहुत गंदगी रह गई होगी, उसे हटवा दिया जाएगा। - डा. आरबी सुमन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी