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गंगनहर यू-टर्न बनकर तैयार, ग्रामीणों का विरोध बना रुकावट
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गंगनहर यू-टर्न बनकर तैयार, ग्रामीणों का विरोध बना रुकावट
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ हाइवे को जाम से झाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से जीडीए की ओर से गंगनहर कट और मोदीनगर में राज चौपला पर यू-टर्न का निर्माण किया जा रहा है। गंगनहर कट के पास यू-टर्न का निर्माण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते यू-टर्न शुरू होने पर संशय गहरा गया है। ग्रामीणों ने जीडीए पर आरोप लगाया है कि होटल संचालकों को लाभ पहुंचाने के लिए यू-टर्न को गंगनहर के पास की जगह 200 मीटर आगे सिबली मिल के पास यू-टर्न निर्माण किया गया है। ग्रामीणों के विरोध के चलते यू-टर्न शुरू करने के लिए बैरियर लगाने का काम शुरू करने से पहले जीडीए पसोपेश में है।
सीआरआरआई के ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान के तहत दिल्ली-मेरठ हाइवे पर यातायात को सुचारु रखने के लिए कुल सात यू-टर्न का निर्माण किया जाना है। इनमें से राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर दो-यूटर्न का निर्माण हो चुका है। दूसरी ओर जीडीए की ओर से मोदीनगर राज चौपला व गंगनहर कट के पास 7.79 करोड़ की लागत से यू-टर्न का निर्माण किया जा रहा है। यहां यूटिलिटी शिफ्टिंग पर करीब तीन करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। गंगनहर कट के पास वन निगम की ओर से पेड़ काटने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जीडीए ने तेज गति से यू-टर्न का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
आखिरी बैरियर लगाने का काम बाकी है। लेकिन गंगनहर यू-टर्न की जगह बदलकर आगे किए जाने का नूरपुर, जलालाबाद, बड़का सहित छह से अधिक गांवों के लोग विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने होटल संचालकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यू-टर्न को सिबली मिल के पास करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने यू-टर्न का काम रुकवाकर जाम लगाने की भी कोशिश की थी। यू-टर्न के निर्माण कार्य में पहले ही पांच माह की देरी हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों के विरोध के कारण यू-टर्न के संचालन में और वक्त लग सकता है। जीडीए मुख्य अभियंता विवेकानंद सिंह ने बताया कि गंगनहर के पास निर्धारित स्थान पर ही यू-टर्न का निर्माण किया गया है। यू-टर्न शुरू करने में केवल बैरियर लगाने व आखिरी चरण का काम बचा है।
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ हाइवे को जाम से झाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से जीडीए की ओर से गंगनहर कट और मोदीनगर में राज चौपला पर यू-टर्न का निर्माण किया जा रहा है। गंगनहर कट के पास यू-टर्न का निर्माण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते यू-टर्न शुरू होने पर संशय गहरा गया है। ग्रामीणों ने जीडीए पर आरोप लगाया है कि होटल संचालकों को लाभ पहुंचाने के लिए यू-टर्न को गंगनहर के पास की जगह 200 मीटर आगे सिबली मिल के पास यू-टर्न निर्माण किया गया है। ग्रामीणों के विरोध के चलते यू-टर्न शुरू करने के लिए बैरियर लगाने का काम शुरू करने से पहले जीडीए पसोपेश में है।
सीआरआरआई के ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान के तहत दिल्ली-मेरठ हाइवे पर यातायात को सुचारु रखने के लिए कुल सात यू-टर्न का निर्माण किया जाना है। इनमें से राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर दो-यूटर्न का निर्माण हो चुका है। दूसरी ओर जीडीए की ओर से मोदीनगर राज चौपला व गंगनहर कट के पास 7.79 करोड़ की लागत से यू-टर्न का निर्माण किया जा रहा है। यहां यूटिलिटी शिफ्टिंग पर करीब तीन करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। गंगनहर कट के पास वन निगम की ओर से पेड़ काटने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जीडीए ने तेज गति से यू-टर्न का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
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आखिरी बैरियर लगाने का काम बाकी है। लेकिन गंगनहर यू-टर्न की जगह बदलकर आगे किए जाने का नूरपुर, जलालाबाद, बड़का सहित छह से अधिक गांवों के लोग विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने होटल संचालकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यू-टर्न को सिबली मिल के पास करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने यू-टर्न का काम रुकवाकर जाम लगाने की भी कोशिश की थी। यू-टर्न के निर्माण कार्य में पहले ही पांच माह की देरी हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों के विरोध के कारण यू-टर्न के संचालन में और वक्त लग सकता है। जीडीए मुख्य अभियंता विवेकानंद सिंह ने बताया कि गंगनहर के पास निर्धारित स्थान पर ही यू-टर्न का निर्माण किया गया है। यू-टर्न शुरू करने में केवल बैरियर लगाने व आखिरी चरण का काम बचा है।
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