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स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए भटकते रहे पात्र
Updated Tue, 29 May 2018 01:27 AM IST
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स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए भटकते रहे पात्र
बुगरासी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभ के लिए पात्रों के नाम नहीं होने से लोगों में रोष है। काफी ऐसे लोग हैं जो पूरी तरह से आर्थिक सक्षम है और उनके नाम लिस्ट में हैं। इसके चलते स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए कमजोर तबके के पात्र लोग दिनभर भटकने को मजबूर रहे। लोगों ने पुन: जांच कर नई सूची बनाए जाने की मांग की है।
आयुष्मान दिवस पर रविवार को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए कस्बे के सभी 12 वार्डों में कैंप लगाया गया था। लिस्ट 2011 में आर्थिक व सामाजिक स्तर पर कराई गई जनगणना के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर पंचायत को भेजी गई थी। इसमें कमजोर तबके के लोग सभी वार्डों में अपने नाम के लिए भटकते रहे। वहीं काफी पात्रों के नाम ही लिस्ट में नहीं थे। दूसरी ओर ऐसे काफी नाम लिस्ट में थे जो पूरी तरह से आर्थिक सक्षम है। इसे लेकर पात्रों में रोष है। राजीव कुमार, दिनेश कुमार, राजेंद्र कुमार, सोनू, शांति स्वरूप, दीपक कुमार आदि ऐसे कस्बेवासी हैं जिनपर अपना मकान तक नहीं है। ये लोग किराए के मकान में रहते हुए जैसे-तैसे कर गुजर-बसर कर रहे हैं। इनका कहना है कि लिस्ट बनाते वक्त पूरी तरह से अनदेखी की गई है। पात्रों को बाहर रखा गया है, जबकि आर्थिक सक्षम को गरीब दर्शाते हुए उन्हें सुविधा दी जा रही हैं। काफी ऐसे लोगों भी हैं जिनके नाम लिस्ट में हैं और पिछले कई वर्षों से लोग बाहर रहते रहे हैं। लिस्ट नए सिरे से बनाई जानी चाहिए व पात्रों को ही लाभ दिया जाना चाहिए।
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बुगरासी। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभ के लिए पात्रों के नाम नहीं होने से लोगों में रोष है। काफी ऐसे लोग हैं जो पूरी तरह से आर्थिक सक्षम है और उनके नाम लिस्ट में हैं। इसके चलते स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए कमजोर तबके के पात्र लोग दिनभर भटकने को मजबूर रहे। लोगों ने पुन: जांच कर नई सूची बनाए जाने की मांग की है।
आयुष्मान दिवस पर रविवार को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए कस्बे के सभी 12 वार्डों में कैंप लगाया गया था। लिस्ट 2011 में आर्थिक व सामाजिक स्तर पर कराई गई जनगणना के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर पंचायत को भेजी गई थी। इसमें कमजोर तबके के लोग सभी वार्डों में अपने नाम के लिए भटकते रहे। वहीं काफी पात्रों के नाम ही लिस्ट में नहीं थे। दूसरी ओर ऐसे काफी नाम लिस्ट में थे जो पूरी तरह से आर्थिक सक्षम है। इसे लेकर पात्रों में रोष है। राजीव कुमार, दिनेश कुमार, राजेंद्र कुमार, सोनू, शांति स्वरूप, दीपक कुमार आदि ऐसे कस्बेवासी हैं जिनपर अपना मकान तक नहीं है। ये लोग किराए के मकान में रहते हुए जैसे-तैसे कर गुजर-बसर कर रहे हैं। इनका कहना है कि लिस्ट बनाते वक्त पूरी तरह से अनदेखी की गई है। पात्रों को बाहर रखा गया है, जबकि आर्थिक सक्षम को गरीब दर्शाते हुए उन्हें सुविधा दी जा रही हैं। काफी ऐसे लोगों भी हैं जिनके नाम लिस्ट में हैं और पिछले कई वर्षों से लोग बाहर रहते रहे हैं। लिस्ट नए सिरे से बनाई जानी चाहिए व पात्रों को ही लाभ दिया जाना चाहिए।
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