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व्यापारी की समज्ञस्याएं हलहोंगी व्यासपारी कल्याण बोर्ड में
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व्यापारियों की समस्याएं हल होंगी ‘व्यापारी कल्याण बोर्ड’ में
गाजियाबाद। लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार ने व्यापारियों की सुविधा के लिए ‘व्यापारी कल्याण बोर्ड’ बनाने का निर्णय लिया है। बोर्ड में 11 व्यापारियों को नामित सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है, जबकि अन्य सदस्याें में प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे। यह बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं को अधिकारिक तौर पर निस्तारित करने के लिए बनाया गया है।
व्यापारियों की लंबे समय से डिमांड थी कि सरकार व्यापारियों के कल्याण के लिए ऐसी संस्था बनाए जो सरकार और व्यापारियों के बीच मध्यस्थता का काम करे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाए। तकरीबन प्रदेश सरकार का 80 प्रतिशत राजस्व व्यापारी वर्ग से आता है। इसके बाद भी सरकार व्यापारियों की बेहतरी के लिए कोई योजना नहीं चलाती है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने बीते 22 फरवरी को शासनादेश जारी कर व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की है। बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर रविकांत गर्ग को मनोनीत किया गया है। जबकि सदस्य के रूप में मुरारी लाल अग्रवाल, हर्ष कपूर, डा. दिलीप सेठ, जवाहर कसोधन, पवन कुमार अरोड़ा, विश्वनाथ अग्रवाल, अशोक मोतियानी, दिनेश सेठी, महेश पुरी, सुनील गुप्ता और अमरनाथ मिश्रा को बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार का यह दांव आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही लगाया गया है। प्रदेश में मतदाताओं को देखे तो व्यापारी वर्ग सबसे बड़ा है। अगर व्यापारी असंतुष्ट होते हैं तो वह चुनाव का पासा भी पलट सकते हैं।
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गाजियाबाद। लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार ने व्यापारियों की सुविधा के लिए ‘व्यापारी कल्याण बोर्ड’ बनाने का निर्णय लिया है। बोर्ड में 11 व्यापारियों को नामित सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है, जबकि अन्य सदस्याें में प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे। यह बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं को अधिकारिक तौर पर निस्तारित करने के लिए बनाया गया है।
व्यापारियों की लंबे समय से डिमांड थी कि सरकार व्यापारियों के कल्याण के लिए ऐसी संस्था बनाए जो सरकार और व्यापारियों के बीच मध्यस्थता का काम करे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाए। तकरीबन प्रदेश सरकार का 80 प्रतिशत राजस्व व्यापारी वर्ग से आता है। इसके बाद भी सरकार व्यापारियों की बेहतरी के लिए कोई योजना नहीं चलाती है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने बीते 22 फरवरी को शासनादेश जारी कर व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की है। बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर रविकांत गर्ग को मनोनीत किया गया है। जबकि सदस्य के रूप में मुरारी लाल अग्रवाल, हर्ष कपूर, डा. दिलीप सेठ, जवाहर कसोधन, पवन कुमार अरोड़ा, विश्वनाथ अग्रवाल, अशोक मोतियानी, दिनेश सेठी, महेश पुरी, सुनील गुप्ता और अमरनाथ मिश्रा को बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार का यह दांव आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही लगाया गया है। प्रदेश में मतदाताओं को देखे तो व्यापारी वर्ग सबसे बड़ा है। अगर व्यापारी असंतुष्ट होते हैं तो वह चुनाव का पासा भी पलट सकते हैं।
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