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Ghaziabad News: 16 हजार परिवारों को मिलेगा अपना घर, 952 के लिए पहली किस्त जारी
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बुलंदशहर। जिले में आवासविहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत करीब 16 हजार ऐसे परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। इन परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए पात्रता संबंधी प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में शासन ने 952 लाभार्थियों के आवास निर्माण के लिए पहली किस्त जारी कर दी है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को 11.40 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। इससे चयनित लाभार्थियों के घर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अधिकारी दीपक यादव ने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान की सुविधा देना है। पिछले दिनों जिले में कराए गए सर्वे के दौरान 16 हजार आवासविहीन परिवारों को चिह्नित किया गया था। सर्वे के आधार पर पात्रता की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसका लक्ष्य वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिलाना है। शासन से मिली पहली किस्त की धनराशि नियमानुसार लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। योजना के तहत आवास निर्माण की स्थिति पर विभागीय स्तर से निगरानी की जाएगी।
सहायता राशि का वितरण
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है। पहली किस्त में 70 हजार रुपये प्रदान करने का प्रावधान है। दूसरी किस्त में 40 हजार और तीसरी में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। किस्तों का उद्देश्य निर्माण कार्य को अलग-अलग चरणों में पूरा कराना है। पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थी मकान निर्माण का शुरुआती कार्य शुरू कर सकेंगे।
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पात्रता और निर्माण की निगरानी
दीपक यादव ने बताया कि सर्वे के आधार पर पात्रता की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही योजना का लाभ मिले। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी सहायता का इस्तेमाल मकान बनाने में ही हो। साथ ही, निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। विभाग लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन भी देगा।
अन्य पात्र परिवारों को भी लाभ
जिले में सर्वे के दौरान चिह्नित किए गए सभी परिवारों को योजना का लाभ पात्रता की पुष्टि के बाद ही मिलेगा। करीब 16 हजार परिवारों के लिए सर्वे के बाद उम्मीद जगी है। हालांकि, सभी को आवास स्वीकृत होने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होगी। शासन से आगे धनराशि और स्वीकृति मिलने के साथ अन्य पात्र परिवारों को भी योजना से जोड़ा जाएगा। योजना का लाभ मिलने से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उनके आवास संबंधी संकट को दूर करने की दिशा में राहत मिलेगी।
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जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को 11.40 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। इससे चयनित लाभार्थियों के घर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अधिकारी दीपक यादव ने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान की सुविधा देना है। पिछले दिनों जिले में कराए गए सर्वे के दौरान 16 हजार आवासविहीन परिवारों को चिह्नित किया गया था। सर्वे के आधार पर पात्रता की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसका लक्ष्य वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिलाना है। शासन से मिली पहली किस्त की धनराशि नियमानुसार लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। योजना के तहत आवास निर्माण की स्थिति पर विभागीय स्तर से निगरानी की जाएगी।
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सहायता राशि का वितरण
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है। पहली किस्त में 70 हजार रुपये प्रदान करने का प्रावधान है। दूसरी किस्त में 40 हजार और तीसरी में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। किस्तों का उद्देश्य निर्माण कार्य को अलग-अलग चरणों में पूरा कराना है। पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थी मकान निर्माण का शुरुआती कार्य शुरू कर सकेंगे।
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पात्रता और निर्माण की निगरानी
दीपक यादव ने बताया कि सर्वे के आधार पर पात्रता की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही योजना का लाभ मिले। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी सहायता का इस्तेमाल मकान बनाने में ही हो। साथ ही, निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। विभाग लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन भी देगा।
अन्य पात्र परिवारों को भी लाभ
जिले में सर्वे के दौरान चिह्नित किए गए सभी परिवारों को योजना का लाभ पात्रता की पुष्टि के बाद ही मिलेगा। करीब 16 हजार परिवारों के लिए सर्वे के बाद उम्मीद जगी है। हालांकि, सभी को आवास स्वीकृत होने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होगी। शासन से आगे धनराशि और स्वीकृति मिलने के साथ अन्य पात्र परिवारों को भी योजना से जोड़ा जाएगा। योजना का लाभ मिलने से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उनके आवास संबंधी संकट को दूर करने की दिशा में राहत मिलेगी।