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पेड़ काटने के लिए जीडीए ने दिए 15 लाख
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:51 AM IST
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जीटी रोड पर निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर की राह का एक रोड़ा और दूर हो गया। इसके निर्माण में बाधक बने साईं उपवन के 60 पेड़ों को काटने के लिए जीडीए ने वन विभाग को 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। अब जल्द ही पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
15 दिन में ग्रेड सेपरेटर का निर्माण शुरू हो जाएगा और जुलाई तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बन जाने से गाजियाबाद से मोहननगर की ओर जाने वाले ट्रैफिक को जाम से निजात मिल जाएगी।
महामाया स्टेडियम के पास बन रहे इस ग्रेड सेपरेटर का निर्माण करीब एक साल से रुका है। इसके निर्माण में साईं उपवन के 60 पेड़ बाधक बने हुए हैं। जीडीए को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पेड़ काटने की एनओसी लेने में ही करीब एक साल लग गया।
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जीडीए ने एनओसी के आवेदन पर लगीं आपत्तियों का तीन बार निस्तारण किया। अब करीब 10 दिन पूर्व जीडीए को एनओसी मिल चुकी है। वन विभाग ने पेड़ों को काटने की एवज में जीडीए से 15 लाख रुपये मांगे थे।
जीडीए के चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी का कहना है कि यह रकम वन विभाग को भेज दी गई है। जल्द ही पेड़ कटने का काम शुरू हो जाएगा और 15 अप्रैल के आसपास ग्रेड सेपरेटर का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 3 महीने में यह ग्रेड सेपरेटर बनकर तैयार हो जाएगा।
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15 दिन में ग्रेड सेपरेटर का निर्माण शुरू हो जाएगा और जुलाई तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बन जाने से गाजियाबाद से मोहननगर की ओर जाने वाले ट्रैफिक को जाम से निजात मिल जाएगी।
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महामाया स्टेडियम के पास बन रहे इस ग्रेड सेपरेटर का निर्माण करीब एक साल से रुका है। इसके निर्माण में साईं उपवन के 60 पेड़ बाधक बने हुए हैं। जीडीए को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से पेड़ काटने की एनओसी लेने में ही करीब एक साल लग गया।
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जीडीए ने एनओसी के आवेदन पर लगीं आपत्तियों का तीन बार निस्तारण किया। अब करीब 10 दिन पूर्व जीडीए को एनओसी मिल चुकी है। वन विभाग ने पेड़ों को काटने की एवज में जीडीए से 15 लाख रुपये मांगे थे।
जीडीए के चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी का कहना है कि यह रकम वन विभाग को भेज दी गई है। जल्द ही पेड़ कटने का काम शुरू हो जाएगा और 15 अप्रैल के आसपास ग्रेड सेपरेटर का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 3 महीने में यह ग्रेड सेपरेटर बनकर तैयार हो जाएगा।