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जुलाई में आयकर करेगा बड़ी कार्रवाई
Updated Mon, 19 Jun 2017 01:11 AM IST
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जुलाई में आयकर करेगा बड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन ‘क्लीन मनी’ और ‘क्लीन प्रॉपर्टी’ के तहत आयकर विभाग छापेमारी से जुड़े अभियान में तेजी लाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से स्पष्ट दिशा निर्देश मिलने के बाद आयकर की कोशिश कर संग्रह बढ़ाने की है। ऐसे में, विभाग सक्रिय हो गया है। इसके लिए लगातार हो रही छापेमारी जारी रहेगी।
इसके साथ ही जुलाई में अभियान और भी तेज किया जाएगा। आयकर सूत्रों के अनुसार हर महीने कम से कम आठ से 10 लोगों पर एकसाथ बड़ी कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आयकर के निशाने पर तमाम अथॉरिटी के अधिकारी, इंजीनियर रहेंगे।
इसके साथ ही सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, जल निगम से लेकर तमाम विभागों में काम करने वाले ठेकेदार और उनसे जुड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा। आयकर विभाग ने इंटेलिजेंस विंग को ज्यादा स्वतंत्रता दी हैं। इसके लिए विंग में कुछ तेजतर्रार अधिकारियों व निरीक्षकों की तैनाती भी की गई है।
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जीएसटी लागू होने पर विभाग को बड़ा लाभ मिलेगा। सेंट्रल एक्साइज से लेकर राज्यों में वाणिज्य कर विभाग के अधीन पंजीकृत व्यापारियों को पूरा डाटा ऑनलाइन मिल सकेगा। विभागीय अधिकारी मानते हैं कि जीएसटी को लेकर सेंट्रल एक्साइज व दूसरे विभागों द्वारा किए जा रहे
प्रयासों का असल फायदा आयकर को मिलेगा, क्योंकि उसके बाद लेनदेन से जुड़ी हर जानकारी विभाग के पास होगी। कर चोरों पर शिकंजा कसना ज्यादा आसान हो जाएगा।
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ऑपरेशन ‘क्लीन मनी’ और ‘क्लीन प्रॉपर्टी’ के तहत आयकर विभाग छापेमारी से जुड़े अभियान में तेजी लाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से स्पष्ट दिशा निर्देश मिलने के बाद आयकर की कोशिश कर संग्रह बढ़ाने की है। ऐसे में, विभाग सक्रिय हो गया है। इसके लिए लगातार हो रही छापेमारी जारी रहेगी।
इसके साथ ही जुलाई में अभियान और भी तेज किया जाएगा। आयकर सूत्रों के अनुसार हर महीने कम से कम आठ से 10 लोगों पर एकसाथ बड़ी कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आयकर के निशाने पर तमाम अथॉरिटी के अधिकारी, इंजीनियर रहेंगे।
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इसके साथ ही सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, जल निगम से लेकर तमाम विभागों में काम करने वाले ठेकेदार और उनसे जुड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा। आयकर विभाग ने इंटेलिजेंस विंग को ज्यादा स्वतंत्रता दी हैं। इसके लिए विंग में कुछ तेजतर्रार अधिकारियों व निरीक्षकों की तैनाती भी की गई है।
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जीएसटी लागू होने पर विभाग को बड़ा लाभ मिलेगा। सेंट्रल एक्साइज से लेकर राज्यों में वाणिज्य कर विभाग के अधीन पंजीकृत व्यापारियों को पूरा डाटा ऑनलाइन मिल सकेगा। विभागीय अधिकारी मानते हैं कि जीएसटी को लेकर सेंट्रल एक्साइज व दूसरे विभागों द्वारा किए जा रहे
प्रयासों का असल फायदा आयकर को मिलेगा, क्योंकि उसके बाद लेनदेन से जुड़ी हर जानकारी विभाग के पास होगी। कर चोरों पर शिकंजा कसना ज्यादा आसान हो जाएगा।