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जाह्नवी की गुमशुदगी ने बदल दी 107 बच्चों की जिंदगी

Fri, 10 Oct 2014 05:43 PM IST
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:43 PM IST
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ghaziabad police rescue operation found 107 missed child

देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके इंडिया गेट से लापता हुई तीन वर्षीय जाह्नवी एक हफ्ते बाद घरवालों को मिली। इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस हाथ-पैर पटकती रही लेकिन, उसे कोई सुराग नहीं मिल रहा था। अचानक एक छात्र के फोन कॉल से खोई हुई बच्ची का पता पुलिस को मिला और उनकी इज्जत बच गई।

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जाह्नवी के लापता होने से दिल्ली पुलिस ने भले ही कोई सबक लिया हो या नहीं लेकिन, पड़ोसी जिले की गाजियाबाद पुलिस ने जरूर इस वारदात से सबक लिया।

गाजियाबाद पुलिस ने खोए हुए बच्चों का पता लगाने के लिए 27 सितंबर को 'स्माईल' नाम के ऑपरेशन की शुरूआत की। इस ऑपेरशन के जरिए पुलिस अब तक 107 लापता बच्चों को तलाश चुकी है।
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गाजियाबाद पुलिस ने इस ऑपरेशन को शुरू करने से पहले 200 बच्चों की लिस्ट तैयार की। अपने अभियान के तहत पुलिस ने इन 200 बच्चों की लिस्ट में से 107 बच्चों को खोज निकाला। इनमें से 48 बच्चों को उनके परिवार को भी सौंपा जा चुका है। आखिर दिवाली से पहले घरवालों के लिए इससे बड़ा तोहफा और क्या हो सकता है।
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इस ऑपरेशन की सफलता से उत्साहित उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस विभाग को इससे सबक लेते हुए काम करने के निर्देश दिए हैं।

मासूम नाम के ऑपरेशन से ‌मिली प्रेरणा

ghaziabad police rescue operation found 107 missed child

गाजियाबाद के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन को चलाने का आइडिया उन्हें 'मासूम' नाम के उस ऑपरेशन से मिला जिसके तहत बाल मजदूरी के शिकार बच्चों को मुक्त कराया गया था। इस ऑपरेशन की शुरूआत 14 सितंबर को हुई थी।

‌वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि महज एक ही दिन में 51 बच्चों को रेस्‍त्रां, चाय पान की दुकानों और फल-सब्जी विक्रेताओं के चंगुल से मुक्त कराया गया। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद ही हमने तय किया कि लापता बच्चों को खोजने की मुहिम को भी आगे बढ़ाया जाना च‌ाहिए।

ऑपरेशन इस्माईल के तहत महज दो सप्ताह में ग‌ाजियाबाद पुलिस ने उत्तर भारत के चार राज्यों के 32 ‌जिलों में 98 लड़के और नौ लड़कियों को तलाशा। इनमें से 48 बच्चों को उनके घरवालों को सौंप दिया गया है।

गौरतलब है कि सिर्फ गाजियाबाद से ही 127 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट की गयी थी। इनमें से 25 को खोज लिया गया है और 17 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट ही नहीं दी गई थी। क‌ुछ बच्चे तो पिछले आठ दिनों में ही लापता हुए हैं।

घर के झगड़े के चलते छोड़ते हैं घर

ghaziabad police rescue operation found 107 missed child

ऑपरेशन के दौरान 14 साल से लापता एक बच्ची ‌हरिद्वार में एक शेल्टर होम से मिली। यह बच्ची पांच साल की उम्र में फतेहपुर सीकरी में अपने घर के बाहर से लापता ह‌‌ुई थी।

पुलिस अधीक्षक रणविजय सिंह और ऑपरेशन के ऑफिसर इंजार्ज ने बताया कि इस ऑपरेशन के लिए 38 टीमें और पांच अधिकारियों को नियुक्त किया गया। प्रत्येक टीम के साथ एक-एक ऑफिसर को देश के विभिन्न जिलों में भेजा गया।

प्रत्येक टीम में एक सब-इंस्पेकटर और चार कांस्टेबल थे। इनमें से दो पुलिस वाले बिना वर्दी के इलाके के बच्चों के साथ घुलने मिलने की कोशिश करते और हफ्ते-दस दिन तक उसी इलाके में रहते हुए अपने संपर्क बनाते थे।

ऑपरेशन के दौरान बच्चों के घर से लापता होने के तीन महत्वपूर्ण कारण सामने आए। इसमें सबसे प्रमुख घर में होने वाले झगड़े हैं। इसके अलावा, ज्यादातर बच्चे संयोग से और कई बच्चों को फुसलाकर ले जाया जाता है ताकि, उनसे भीख मंगवाई जाए।

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