गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर रहेगा सील, बाजार पहले की तरह खुलेंगे, वैशाली में सेक्टर स्कीम लागू
- सैलून, ब्यूटी पार्लर, पार्क और सरकारी दफ्तर 100 फीसदी स्टाफ क्षमता के साथ खुल सकेंगे
- प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि बॉर्डर को सील रखने का फैसला स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की सहमति के बाद लिया गया है
- यानी कड़े प्रतिबंधों के बीच वैध पास पर ही लोगों की आवाजाही हो सकेगी
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विस्तार
लॉकडाउन 5.0 में दिल्ली आने-जाने वाले लोगों और व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिलेगी। राज्य सरकार की तरफ दिशा-निर्देश जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने रविवार देर रात को गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें स्पष्ट कर दिया गया है कि दिल्ली से जुड़ी सीमा अभी अग्रिम आदेशों तक सील रहेगी। यानी कड़े प्रतिबंधों के बीच वैध पास पर ही लोगों की आवाजाही हो सकेगी।
इसी तरह से बाजारों के खुलने और बंद होने के समय में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। जबकि सैलून, ब्यूटी पार्लर, पार्क व सरकारी दफ्तर 100 स्टॉफ क्षमता के साथ खुल सकेंगे। बाजार और सीमा से जुड़े मामलों में सीलिंग का फैसला स्थानीय प्रशासन ने लिया है। जबकि अन्य मामलों में राज्य सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देश लागू रहेंगे।
प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि बॉर्डर को सील रखने का फैसला स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की सहमति के बाद लिया गया है। दिल्ली की सीमा से सटे इलाकों में कोरोना का संक्रमण अधिक है और जिले में कोरोना संक्रमित होने वाले अधिकांश लोग दिल्ली से जुड़े है, जिनकी आवाजाही को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अभी बाजार खुलने व बंद होने के समय में भी विस्तार नहीं किया जा सकता। इसी तरह से अभी बाजार सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही खुलेंगे और एक दिन खुलने के बाद अगले दिन बंद रहेंगे। रविवार के दिन सभी बाजार पूर्ण रूप से बंद रखे जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि आगे चलकर ढील दी जा सकती है लेकिन वो सब कोरोना की स्थिति पर निर्भर करेगा।
तीन पॉली में खुलेंगे सरकारी दफ्तर
सभी सरकारी कार्यालय 100 स्टाफ के साथ खुल सकेंगे, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार की तरफ से तीन पाली भी निर्धारित की गई हैं। पहली सुबह नौ से शाम पांच, दूसरी सुबह 10 से शाम 6 बजे और तीसरी पॉली सुबह 11 बजे से शाम के सात बजे के बीच की होगी।
कंटेनमेंट जोन के बाहर चलेगी इंडस्ट्री
सभी तरह की इंडस्ट्री जो कंटेनमेंट जोन के बाहर होगी वो संचालित की जा सकेंगी। उन्हें कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु सभी इंतजाम करने होंगे।
आवासीय क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन के ये नियम होंगे लागू
- यदि मल्टीस्टोरी सोसायटी में एक या एक से अधिक मामले कई टॉवरों में आते हैं तो जिस टॉवर में संक्रमण का केस होगा। उसी को कंटेनमेंट जोन के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
- अगर किसी सोसायटी में एक से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले पाए जाते हैं तो सोसायटी के सभी टॉवर कंटेनमेंट जोन होंगे। ऐसी स्थिति में पूरी सोसायटी के पार्क, जिम, स्वीमिंग पुल, बैंक्वेट हॉल इत्यादि को कंटेनमेंट जोन में मानकर सील कर दिया जाएगा।
दफ्तर व इंडस्ट्री को 24 घंटे के लिए किया जाएगा बंद
अगर किसी विशेष परिसर, निजी दफ्तर, इंडस्ट्री में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आता है तो संबंधित परिसर व दफ्तर को 24 घंटे की अवधि के लिए सील कर सैनिटाइज किया जाएगा, जिससे कि बीमारी का प्रसार न हो सके। परिसर को संचालित करने वाली संस्था एवं कंपनी को ही सैनिटाइजेशन की लागत स्वयं वहन करनी होगी।
अन्य अहम फैसले
- सब्जी मंडी सुबह 4 से 7 बजे तक खुलेंगी। सब्जी का फुटकर वितरण सुबह 6 बजे से 9 बजे तक होगा। शहरी क्षेत्र में सप्ताहिक पैठ बाजार नहीं लेगेंगे, ग्रामीण क्षेत्र में पैठ बाजार लगाने की इजाजत होगी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
- शादी या अन्य किसी तरह के समारोह में 30 लोग ही आ सकेंगे। जिसके लिए स्थानीय प्रशासन से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
- सैलून व ब्यूटी पार्लर को खोलने की इजाजत होगी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए फेस मास्क, ग्लब्स व सैनिटाइजेशन का प्रयोग करना होगा। काम करने वाले स्टॉफ को फेस मास्क, फेस कवर भी पहनना अनिवार्य होगा।
- पार्क सुबह पांच से आठ बजे और शाम को पांच से रात के आठ बजे के बीच सैर करने के लिए खोला जाएगा।
- प्रदेश के अंदर बस सेवा संचालित होगी लेकिन बैठने से पहले बस अड्डे पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। बसों को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाएगा। बसों में खड़े होकर यात्रा करने की इजाजत नहीं होगी।
इन्हें धारा-144 का माना जाएगा उल्लंघन
प्रशासन ने गाइडलाइन जारी करते हुए धारा-144 को लेकर भी देर रात को आदेश पारित किया है। अगर ब्यूटी पार्लर, सैलून में कोई व्यक्ति बिना मास्क, फेस कवर के बाल काटते हुए पाया जाता है तो उसे धारा-144 का उल्लंघन माना जाएगा।
- किसी भी संस्थान को पांच से अधिक लोगों के साथ बैठक करने की अनुमति नहीं होगी।
- धार्मिक व पूजा स्थल सात जून तक पूरी तरह से बंद रहेंगे। सार्वजनिक स्थल पर बिना मास्क के निकलना प्रतिबंधित होगा।
- किसी भी ऑटो, टैक्सी व ई रिक्शा को बिना मास्क व फेस कवर के यात्रियों को बैठाने की इजाजत नहीं होगी।
- खेल परिसर में दर्शकों के जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- रात के नौ बजे से सुबह पांच बजे के बीच किसी भी वाहन का आवागमन नहीं होगा। - सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार व सभागार आदि अग्रिम आदेश तक नहीं खोले जाएंगे।
वैशाली आधी रात से सील, किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं
तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच प्रशासन ने वैशाली में भी सेक्टर स्कीम लागू कर दी है। आधी रात से वैशाली को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। लोगों का आना-जाना अग्रिम आदेश तक पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह से प्रशासन की निगरानी में डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से की जाएगी।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वैशाली क्षेत्र को चार सेक्टर व दो जोन में बांटा गया है। खोड़ा और लोनी के बाद वैशाली तीसरा क्षेत्र है जहां पर सेक्टर स्कीम को लागू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद रविवार रात को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने वैशाली में भी सेक्टर स्कीम को लागू करने का आदेश जारी किया।
सेक्टर स्कीम लागू होने के बाद ऐसे लोग जो दिल्ली में तैनात है लेकिन वैशाली में उनका निवास स्थान है, उन्हें लॉकडाउन की अवधि में अपने रहने का इंतजाम दिल्ली में ही करना होगा। इसमें डॉक्टर, पुलिस, स्वास्थ्य व बैंककर्मी आदि शामिल हैं। प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि वैशाली क्षेत्र के ऐसे लोग जो दिल्ली या नोएडा में कार्यरत हैं, उन्हें यथासंभव वहीं पर रहने का इंतजाम करना होगा।
विशेष परिस्थितियों में अपर नगर मजिस्ट्रेट (तृतीय) को निर्णय लेने का अधिकार होगा, लेकिन मजिस्ट्रेट भी चिकित्सकीय आधार पर ही जाने की अनुमति दे सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि मौजूदा हालात में वैशाली के अंदर सेक्टर स्कीम को लागू करना बेहद जरूरी था क्योंकि तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें अधिकांश केस वो हैं जो दिल्ली व नोएडा में नौकरी करते हैं लेकिन रहते वैशाली में हैं।
इससे साफ है कि दिल्ली व नोएडा के जरिए वैशाली तक कोरोना संक्रमण पहुंच रहा है, जिसे रोकने के लिए सेक्टर स्कीम को लागू करना जरूरी हो गया था।