कन्हैया ने भारतीय लोकतंत्र एवं भारतीय सेना को अपमानित किया है : न्यायालय
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गाजियाबाद के जनपद न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम ने बयान दर्ज कराने के लिए कन्हैया को 28 मार्च को पेश होने के आदेश दिए हैं।
डीएम रोड निवासी बजरंग दल के विभाग संयोजक हेमंत सिंह पुत्र नरेंद्र सिंह ने कोर्ट को दिए अर्जी में कहा है कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने भारतीय लोकतंत्र एवं भारतीय सेना को अपमानित किया है।
देशद्रोह के मामले में अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद कन्हैया ने आठ मार्च को दिए सार्वजनिक भाषण में सेना पर कश्मीर में अत्याचार और बलात्कार का आरोप लगाया था।
जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए कन्हैया को देश विरोधी तथा राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहकर केवल अध्ययन में सीमित रहने के निर्देश दिए थे।
खराब हो रही देश और सेना की छवि
इसके बावजूद वह बार-बार प्रचार व मीडिया में बने रहने के लिए देश की व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। जिससे देश और देश की सेना की छवि खराब हो रही है।
हेमंत ने कहा कि भारतीय सेना, भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण तथा सम्माननीय अंग है। इसलिए कन्हैया कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
हेमंत के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कन्हैया को 28 मार्च को कोर्ट में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। कन्हैया के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।