प्रेग्नेंसी से पहले ही बेटे के जन्म की देता था गारंटी
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लड़का होने की दवा की किट बेचने वाले एक व्यक्ति को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वर्षा जैन की अदालत ने एक साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है।
बता दें कि दो सितंबर 2014 को स्वास्थ्य विभाग ने बेटे को जन्म देने की गारंटी के साथ दवा की किट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था।
चंडीगढ़ से मिली सूचना के आधार पर पिछले साल फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने दिल्ली निवासी संजय खटाना को रंगे हाथों पकड़ा था।
छह हजार में देता था लड़का होने की गारंटी
अपनी तरह का यह देश का पहला मामला था। खटाना को पकड़ने के लिए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन सचिव ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था।
टीम ने गुंजन मल्होत्रा नामक व्यक्ति को नकली ग्राहक बनाया था। गुंजल ने संजय खटाना से ऑनलाइन सौदा किया था। खटाना जब गुड़गांव स्थित खानसा रोड पर इस दवा को डिलीवर करने आया, तभी ड्रग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
वह अपने ग्राहकों को कुरियर के माध्यम से किट भेजता था। प्रति किट वह छह हजार रुपये लेता था।
60 लोगों को बेंच चुका था ये दवा
गुंजन ने दवा के दो पैकेट मंगवाए थे और इसके बदले मौके पर 12 हजार रुपये दिए। इन नोटों पर टीम के हस्ताक्षर थे। इस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और उससे हस्ताक्षरयुक्त नोट भी बरामद हुए।
इस टीम को संजय ने बताया था कि उसने पंजाब में करीब 60 लोगों को दवा की यह किट बेची है। पीएनडीटी (प्री कंसेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नॉस्टिक टेक्निक्स) एक्ट के तहत गर्भ में लिंग की पहचान करना या कराना अवैध और सजा योग्य कृत्य है।
अदालत में यह मामला चला और अदालत ने उसे एक साल की सजा तथा पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। एक साल पूर्व दवा डिलीवर करते रंगे हाथ पकड़ा गया था।