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यहां गुर्जर बिरादरी करेगी जीत की राह आसान
एस.एस. अवस्थी/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 16 Mar 2014 11:44 AM IST
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नोएडा में सुरेंद्र सिंह नागर को भले ही बहुजन समाज पार्टी से गौतमबुद्ध नगर का टिकट न मिला हो। लेकिन, उनकी चर्चा करीब-करीब सभी दलों में हो रही है।
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वजह वह गुर्जर वोट हैं, जिन्होंने पिछली बार नागर को सांसद बनाया था। और अब, यही वोट हासिल करने के लिए दो गुर्जर प्रत्याशियों में घमासान मचा हुआ है।
उधर, बसपा से सतीश अवाना को टिकट मिला है। ये सवाल हर जुबान पर है कि अवाना को गुर्जर बिरादरी का सपोर्ट मिलेगा या नहीं। इस बारे में अभी कुछ साफ तौर से नहीं कहा जा सकता है। सतीश अवाना खुद भी गुर्जर हैं।
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बसपा ने उन्हें गुर्जर के सामने गुर्जर प्रत्याशी उतारने की रणनीति के तहत टिकट दिया है, ताकि 2009 के परिणाम हासिल किए जा सकें।
इस गुर्जर बाहुल्य सीट पर सुरेंद्र सिंह नागर मिल्क किंग के नाम से जाने जाते हैं। इस बात पर गुर्जर फख्र करते हैं। उनके बाद अब गुर्जरों के सामने दो विकल्प हैं। वह समाजवादी पार्टी के नरेंद्र भाटी को चुनें, या फिर सुरेंद्र सिंह नागर की तरह ही सतीश अवाना को भी सपोर्ट करें।
बदली हुई है स्थिति
बसपा संगठन कहता है कि नागर का चुनाव लड़ने में मन नहीं था, जबकि सांसद कहते हैं कि उनका टिकट साजिश के तहत काटा गया है। इसी बात की चर्चा इन दिनों पूरे क्षेत्र में हो रही है। कौन सही है और कौन गलत, इसका फैसला भी गुर्जर समाज को करना है। चुनाव में दो ही गुर्जर प्रत्याशी हैं। जिसके पक्ष में गुर्जर जाएंगे, उसकी राह आसान हो जाएगी। अब नरेंद्र और सतीश दोनों प्रत्याशी गुर्जर वोट पाने की होड़ में लगे हुए हैं। एक खास बात और है कि गैर गुर्जर प्रत्याशी को यह वोट हासिल करना काफी कठिन होता है।