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गार्गी कॉलेजः छात्राएं बोलीं- नशे में धुत थे लोग, पुलिसकर्मी देखते रहे तमाशा
Tue, 11 Feb 2020 06:32 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 11 Feb 2020 06:32 AM IST
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गार्गी कॉलेज
- फोटो : Amar Ujala
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गार्गी कॉलेज में समारोह के दिन करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं की भीड़ थी, लेकिन इसके मुताबिक सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। जुबिन नोटियाल के कार्यक्रम की वजह से शोर शराबा इतना थी कि पीड़ित छात्राओं की आवाज वहीं दबकर रह गई और किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। समारोह में डीटीयू, आईआईटी और डीयू के कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को भी बुलाया गया था। सभी को प्रवेश के लिए पास जारी किया गया था।
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ऐसे में भारी भीड़ कैंपस परिसर में जुट गई थी, लेकिन इसके मुताबिक सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। बाहरी लोग छात्राओं से आपत्तिजनक हरकतें करते रहे, वे चिल्लाई और विरोध किया, लेकिन भारी शोर शराबे में उनकी आवाज पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जो सबसे आगे बैठे थे उन्हें तो पता भी नहीं था कि ऐसा कुछ हुआ है।
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छात्राओं ने आपबीती बयां करते कहा कि वार्षिक समारोह के दौरान कॉलेज परिसर में घुसे लोग 30 साल के आसपाल की उम्र के थे और नशे में धुत थे। उन्होंने छात्राओं को जबरन गलत तरीके से छुआ और घसीटा। आपत्तिजनक हरकतें की जबकि पुलिस व सुरक्षाकर्मी तमाशा देखते रहे। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज परिसर उनके लिए एक सुरक्षित स्थान था, लेकिन उसकी सुरक्षा पूरी तरह धराशायी हो गई है। एक छात्रा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों का दावा किया था लेकिन इसके बाद भी छात्राओं से बाहरी लोगों ने छेड़छाड़ व धक्कामुक्की की। देश के किसी कॉलेज में इस तरह की घटना नहीं हुई होगी।
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छात्राओं ने बताया कि बाहरी लोग गेट व दीवार कूदकर परिसर में दाखिल हुए थे। कॉलेज ने सुरक्षा के लिए बाउंसर बुलाए थे, लेकिन जब एक छात्रा ने मदद मांगी तो बाउंसर ने अनसुना कर दिया। बीएससी की एक छात्रा ने बताया कि इस घटना पर कार्रवाई के लिए 7 फरवरी को छात्राएं कॉलेज प्रशासन से मिली थीं लेकिन जब छात्राओं ने अपनी आपबीती इंस्टाग्राम पर नहीं बताई तब तक कॉलेज प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया।
कॉलेज में नेटवर्क नहीं, पुलिस को कॉल ही नहीं लगी
छात्राओं ने कहा कि कॉलेज में नेटवर्क ही नहीं आता। ऐसे में जब यह घटना हुई तब वह किसी को कॉल नहीं कर पाई। एक छात्रा ने कहा कि उसने तीन बार 100 नंबर पर फोन लगाने का प्रयास किया लेकिन कॉलेज परिसर में नेटवर्क नहीं होने के कारण लगा नहीं।
कॉलेज परिसर में सीसीटीवी, लेकिन ग्राउंड में नहीं
घटना के बाद से छात्राएं सहमी हुई हैं। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि कॉलेज परिसर में तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन वह काफी ऊंचे हैं। साथ ही कॉलेज के जिस ग्राउंड में जुबिन नोटियाल की प्रस्तुति थी, वहां कैमरे नहीं थे। छात्राओं की मांग है कि सुरक्षा के लिए वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
आईसीसी है लेकिन पता नहीं कौन सदस्य हैं
कॉलेज में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) है या नहीं इससे भी छात्राएं अनभिज्ञ हैं। कुछ का कहना है कि आईसीसी कॉलेज में नहीं हैं जबकि कुछ का कहना है कि आईसीसी तो शायद है लेकिन इसमें कौन-कौन सदस्य हैं, किसी को पता नहीं है। ऐसे में इस तरह की घटना की शिकायत करनी भी हो तो कहां करें यह पता नहीं है।
कुछ छात्राओं ने कहा जय श्री राम के नारे लगे
कॉलेज में घुसी भीड़ द्वारा जय श्री राम के नारे लगाए जाने की बात भी सामने आ रही है। इस पर कुछ छात्राओं का कहना है कि ऐसा सुना था, लेकिन कुछ ने कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है। छात्राओं ने कहा कि ऐसे नारों की बात सामने लाकर छेड़छाड़ मामले को दूसरा रूप दिया जा रहा है। उन्होंने गुहार लगाई कि इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए। छेड़छाड़ हुई है और मामले की जांच कर दोषियों को सजा दी जाए।