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सड़क पर कूड़ा फेंका तो 20 हजार लगेगा जुर्माना
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 02 Sep 2015 01:36 PM IST
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सड़कों पर फैले कचरे का तय पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कलेक्शन और डिस्पोजल न करने पर एनजीटी ने यूपी सरकार, जीडीए और नगर निगम को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
बेंच ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति सड़कों पर, नदी किनारों और हिंडन कैनाल में कूड़ा कचरा फेंकता पाया जाता है तो उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
जीडीए और निगम तत्काल पूरे शहर में निर्धारित जगहों पर कूड़ेदान की व्यवस्था करें। उन्होंने निगम और जीडीए से कूड़ा निस्तारण और कूड़ा फैलाने वालों से निबटने की कार्ययोजना भी मांगी है।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली प्रधान पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यदि कोई जुर्माना भरने से मना करता है तो उसकी जानकारी बेंच के सामने पेश की जाए।
ट्रिब्युनल के समक्ष गाजियाबाद डीएम विमल कुमार शर्मा, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा व अन्य अधिकारी भी पेश हुए। बेंच ने पूछा कि नदियों के किनारों पर और हिंडन कैनाल में कूड़ा-कचरा किसने फैलाया।
नगर निगम ने उसे क्यों नहीं रोका। उन्होंने कहा कि एनजीटी के पूर्व आदेशों का पालन क्यों नहीं हो रहा। इस पर निगम और प्राधिकरण के काउंसिल ने कहा कि स्थानीय निवासियों के जरिये कूड़ा-कचरा फैलाया जाता है और हम इसे हटाते हैं।
बेंच ने फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर निगम ने अब तक कूड़ा-कचरा फेंकने वालों पर क्या कार्रवाई की है। कोई कार्रवाई की गई तो बेंच के सामने दस्तावेज पेश करें।
पेश करिए रोडमैप, नहीं तो कटेगी सैलरी
एनजीटी ने डीएम से कहा कि वे जल्द से जल्द आदेश का पालन करें नहीं तो एक माह की सैलरी काट ली जाएगी।
संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर कहा कि समूचे गाजियाबाद में एमएसडब्ल्यू के निस्तारण को लेकर रोडमैप ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करें।
मैक्स के बाहर गंदगी पर स्वत: लिया संज्ञान
नई दिल्ली। एनजीटी ने प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि वे जिस होटल, हॉस्पिटल और मॉल को कूड़ा-कचरा फैलाने का दोषी पाएं उन पर प्रतिदिन 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाएं। यह आदेश मैक्स हॉस्पिटल के बाहर फैले कूड़े के अंबार के बाद आया है।
एमएसडब्ल्यू प्लांट पर बोला झूठ, हुई खिंचाई
ग्रीन बेंच के सामने गाजियाबाद और यूपी सरकार की ओर से पेश काउंसिल ने कहा कि गाजियाबाद में रोजाना कूड़े-कचरे और अन्य वेस्ट को प्रताप विहार में डंप किया जा रहा है।
इस पर बेंच ने पूछा कि क्या आपने प्रताप विहार में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के जगह की पहचान की है? क्या वेस्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप डंप किया जा रहा है।
पहले काउंसिल ने गोलमोल जवाब दिया फिर झूठ बोलने की कोशिश की। इस पर ग्रीन पैनल ने जमकर खिंचाई की।
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बेंच ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति सड़कों पर, नदी किनारों और हिंडन कैनाल में कूड़ा कचरा फेंकता पाया जाता है तो उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
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जीडीए और निगम तत्काल पूरे शहर में निर्धारित जगहों पर कूड़ेदान की व्यवस्था करें। उन्होंने निगम और जीडीए से कूड़ा निस्तारण और कूड़ा फैलाने वालों से निबटने की कार्ययोजना भी मांगी है।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली प्रधान पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यदि कोई जुर्माना भरने से मना करता है तो उसकी जानकारी बेंच के सामने पेश की जाए।
ट्रिब्युनल के समक्ष गाजियाबाद डीएम विमल कुमार शर्मा, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा व अन्य अधिकारी भी पेश हुए। बेंच ने पूछा कि नदियों के किनारों पर और हिंडन कैनाल में कूड़ा-कचरा किसने फैलाया।
नगर निगम ने उसे क्यों नहीं रोका। उन्होंने कहा कि एनजीटी के पूर्व आदेशों का पालन क्यों नहीं हो रहा। इस पर निगम और प्राधिकरण के काउंसिल ने कहा कि स्थानीय निवासियों के जरिये कूड़ा-कचरा फैलाया जाता है और हम इसे हटाते हैं।
बेंच ने फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर निगम ने अब तक कूड़ा-कचरा फेंकने वालों पर क्या कार्रवाई की है। कोई कार्रवाई की गई तो बेंच के सामने दस्तावेज पेश करें।
पेश करिए रोडमैप, नहीं तो कटेगी सैलरी
एनजीटी ने डीएम से कहा कि वे जल्द से जल्द आदेश का पालन करें नहीं तो एक माह की सैलरी काट ली जाएगी।
संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर कहा कि समूचे गाजियाबाद में एमएसडब्ल्यू के निस्तारण को लेकर रोडमैप ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करें।
मैक्स के बाहर गंदगी पर स्वत: लिया संज्ञान
नई दिल्ली। एनजीटी ने प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि वे जिस होटल, हॉस्पिटल और मॉल को कूड़ा-कचरा फैलाने का दोषी पाएं उन पर प्रतिदिन 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाएं। यह आदेश मैक्स हॉस्पिटल के बाहर फैले कूड़े के अंबार के बाद आया है।
एमएसडब्ल्यू प्लांट पर बोला झूठ, हुई खिंचाई
ग्रीन बेंच के सामने गाजियाबाद और यूपी सरकार की ओर से पेश काउंसिल ने कहा कि गाजियाबाद में रोजाना कूड़े-कचरे और अन्य वेस्ट को प्रताप विहार में डंप किया जा रहा है।
इस पर बेंच ने पूछा कि क्या आपने प्रताप विहार में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के जगह की पहचान की है? क्या वेस्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप डंप किया जा रहा है।
पहले काउंसिल ने गोलमोल जवाब दिया फिर झूठ बोलने की कोशिश की। इस पर ग्रीन पैनल ने जमकर खिंचाई की।