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कूड़े के पहाड़ घटे, अब नया कचरा जमा न जमा हो: रेखा गुप्ता
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डेढ़ साल में तीनों लैंडफिल साइट से 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाने का दावा, करीब 100 एकड़ जमीन कराई खाली
ओखला में नई प्रोसेसिंग यूनिट जल्द पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश, फ्रेश वेस्ट पर रहेगा फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने रोज आने वाले नए कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करने की व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराना कचरा हटाने के साथ यह भी जरूरी है कि नई खेप लैंडफिल पर जमा होकर फिर से कूड़े का पहाड़ न बना दे।
सरकार के मुताबिक, पिछले करीब डेढ़ साल में ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट से 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है। इससे करीब 100 एकड़ जमीन खाली गो गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साइट पर बचे कचरे, उपलब्ध जमीन और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की क्षमता की जानकारी ली। अधिकारियों से कहा कि केवल ऊपर जमा कचरा हटाना पर्याप्त नहीं है। नीचे दबे पुराने कचरे के निस्तारण के साथ रोजाना पहुंचने वाले फ्रेश वेस्ट की प्रोसेसिंग भी मजबूत करनी होगी। उन्होंने नई प्रोसेसिंग यूनिट्स को जल्द पूरी क्षमता से शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि लैंडफिल की जमीन का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
कचरे से संसाधन और ऊर्जा बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, नई प्रोसेसिंग क्षमता, वेस्ट-टू-रिसोर्स और नवीकरणीय ऊर्जा पर साथ-साथ काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्षों से खड़े कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के साथ ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे आगे नए पहाड़ खड़े न हों।
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ओखला में नई प्रोसेसिंग यूनिट जल्द पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश, फ्रेश वेस्ट पर रहेगा फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने रोज आने वाले नए कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करने की व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराना कचरा हटाने के साथ यह भी जरूरी है कि नई खेप लैंडफिल पर जमा होकर फिर से कूड़े का पहाड़ न बना दे।
सरकार के मुताबिक, पिछले करीब डेढ़ साल में ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट से 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है। इससे करीब 100 एकड़ जमीन खाली गो गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साइट पर बचे कचरे, उपलब्ध जमीन और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की क्षमता की जानकारी ली। अधिकारियों से कहा कि केवल ऊपर जमा कचरा हटाना पर्याप्त नहीं है। नीचे दबे पुराने कचरे के निस्तारण के साथ रोजाना पहुंचने वाले फ्रेश वेस्ट की प्रोसेसिंग भी मजबूत करनी होगी। उन्होंने नई प्रोसेसिंग यूनिट्स को जल्द पूरी क्षमता से शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि लैंडफिल की जमीन का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
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कचरे से संसाधन और ऊर्जा बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, नई प्रोसेसिंग क्षमता, वेस्ट-टू-रिसोर्स और नवीकरणीय ऊर्जा पर साथ-साथ काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्षों से खड़े कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के साथ ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे आगे नए पहाड़ खड़े न हों।
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