जेएनयू में गंगा ढाबा को बंद करने का नोटिस, छात्र संघ ने बताया साजिश
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छात्र संघ ने संचालक को मिले नोटिस को ढाबा बंद करने की साजिश करार दिया है। वहीं, जेएनयू प्रशासन का कहना है कि ढाबा एक विरासत जैसा है, इसे बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
बीते दिनों जेएनयू के एस्टेट मैनेजर की ओर से गंगा ढाबा चलाने वाले संचालक को नोटिस जारी कर दस दिनों में इसे खाली करने को कहा गया है। जेएनयू का कहना है कि वर्तमान में इस ढाबे को चलाने वाले के पास ना तो लाइसेंस है ना ही विश्वविद्यालय का अनापत्ति प्रमाणपत्र।
ढाबे को चलाने वाले की हो चुकी है मौत
यह ढाबा जिसे दिया गया था, उसकी मृत्यु हो चुकी है। उसके बाद उसकी पत्नी चलाती थी लेकिन दो साल पहले उसकी भी मौत हो चुकी है। अब जो व्यक्ति इस ढाबे को चला रहा है उसके पास उसे चलाने का कोई अधिकार नहीं है।
इसलिए उसे नोटिस जारी कर ढाबा वाले स्थान को खाली करने का निर्देश दिया गया है, जिससे दोबारा से टेंडर जारी कर ढाबा चलाया जा सके। उधर, जेएनयू छात्र यूनियन के महासचिव रामानागा के मुताबिक, जेएनयू प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है।
जेएनयू ने गंगा ढाबा और वहां मौजूद मैग्जीन स्टोर को खाली करने का नोटिस जारी किया है जबकि दोनों को लेकर एक भी शिकायत छात्रों की ओर से नहीं है। नोटिस से पहले स्टूडेंट यूनियन के किसी प्रतिनिधि से भी बात नहीं की गई।