Delhi: बंद पॉलिसी शुरू कराने के नाम पर 200 लोगों से ठगी, पुलिस ने गिरोह सरगना समेत 14 को दबोचा
पुलिस ने नोएडा के सेक्टर-2 स्थित फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारकर गिरोह सरगना व 13 टेलीकॉलर को गिरफ्तार किया है।
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मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस ने बंद बीमा पॉलिसी शुरू कराने का झांसा देकर देशभर के 200 लोगों से करोड़ो रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने नोएडा के सेक्टर-2 स्थित फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारकर गिरोह सरगना व 13 टेलीकॉलर को गिरफ्तार किया है। सरगना की पहचान गांव चिपयाना खुर्द, तिगड़ी, ग्रेटर नोएडा निवासी सद्दाम शेख (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने सरगना के खाते से दो लाख रुपये, 23 मोबाइल, 23 सिमकार्ड, दो लैपटॉप व दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि नवंबर 2022 में रंजीत नगर थाना क्षेत्र के पांडव नगर निवासी योगेश ने ठगी की शिकायत साइबर थाने में की थी। मां पार्वती देवी ने एक कंपनी से पॉलिसी ले रखी थी। 14 सितंबर 2022 को वह प्रीमियम नहीं भर पाई। इसके बाद योगेश के पास अज्ञात नंबर से युवती कॉल कर प्रीमियम भरने लिए कहने लगी। युवती कहती थी कि यदि प्रीमियम नहीं दिया तो पहले जमा कराई गई रकम नहीं मिलेगी, लेकिन 14,677 रुपये जमा करने पर पिछला सारा पैसा ब्याज समेत मिल जाएगा।
इसके बाद योगेश झांसे में आ गया और रकम जमा करवा दी। कुछ दिन बाद अमित बंसल ने फोन कर एनओसी के लिए 22,500 रुपये जमा कराने के लिए। योगेश ने फिर रुपये जमा करा दिए। इसके बाद जीएसटी के नाम पर उससे 30,510 रुपये मांगे जाने लगे। शक होने पर योगेश ने जांच की तो हकीकत का पता चला। योगेश की शिकातय पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी खेमेंद्र पाल सिंह, एसआई अली अकरम व अन्यों की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई उनकी जांच की आरोपियों की पहचान कर पुलिस ने नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी कॉल सेंटर में छापा मारकर सरगना और 13 टेलीकॉलर को गिरफ्तार कर लिया।
पहले खुद करता था कॉल सेंटर में नौकरी
सद्दाम शेख ने बताया कि पहले वह कॉल सेंटर में नौकरी करता था। वहां उसे पता चला कि कैसे ठगी की जा सकती है। इसके बाद उसने खुद का कॉल सेंटर बना लिया। उसे फर्जी पतों पर सिमकार्ड, बैंक खाते के अलावा पॉलिसी लैप्स वाले ग्राहकों की जानकारी यश उपलब्ध कराता था। यश अपना हिस्सा रखने के बाद ठगी की रकम एटीएम से निकालकर देता था। सभी टेलीकॉलर को सद्दाम ने सैलरी पर रखा हुआ था। एक साल के दौरान आरोपियों ने 200 लोगों से रुपये ऐंठे हैं। आरोपी के खातों की जांच से कुछ समय में एक करोड़ से अधिक की रकम आने का पता चला है। पुलिस सद्दाम से पूछताछ कर उसके साथी यश की तलाश कर रही है।