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Delhi NCR News: प्रतिबंधित दवाइयों की आपूर्ति करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
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आरोपियों को दिल्ली और गोरखपुर से किया गिरफ्तार, ट्रामाडोल के 2160 कैप्सूल बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाख ने साइकोट्रोपिक दवाओं (प्रतिबंधित दवाई) की आपूर्ति करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को दिल्ली और यूपी के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित दवा ट्रामाडोल के 2160 कैप्सूल बरामद किए गए हैं। आरोपी इन दवाइयों को गोरखपुर की भालोटिया मार्केट से दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट में भेजते थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा के अनुसार शाखा में तैनात हवलदार संदीप और विनोद को आयुर्वेदिक दवाओं की आड़ में प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाओं की आपूर्ति करने की गुप्त सूचना मिली थी। साथ ही यह पता चला था कि आपूर्ति करने के लिए आरोपी शाहदरा निवासी हरीश खुराना तीस हजारी अदालत के पास ट्रामाडोल कैप्सूल देने आ रहा है। सूचना पर एसीपी राजपाल डबास, इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत व एसआई मनोज कुमार मीणा की टीम ने दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर के पास घेराबंदी कर हरीश को 2160 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया।
आरोपी से पूछताछ के बाद टीम भागीरथ पैलेस मार्केट और गोरखपुर के भालोटिया मार्केट पहुंची। वहां पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गौतम सिंह व अमित गोयल को गिरफ्तार कर लिया। गौतम सिंह दिल्ली के भागीरथ पैलेस में एक छोटी सी दुकान चलाता है और अमित गोयल गोरखपुर के भालोटिया मार्केट से एक दवा की दुकान चलाता था। पूछताछ में गौतम सिंह ने खुलासा किया कि वह अमित गोयल के संपर्क में आया। अमित गोयल से ट्रामाडोल कैप्सूल लेकर वह हरीश खुराना को अच्छे मार्जिन पर बेचता था। वहीं, हरीश ने खुलासा किया कि वह 1990 से दवाओं की आपूर्ति के क्षेत्र में काम कर रहा है और उसे इसी तरह के एनडीपीएस मामलों में दो बार गिरफ्तार किया जा चुका है। 2024 में जेल से बाहर आने के बाद उसने भागीरथ पैलेस में एक छोटी सी दुकान खोली और आयुर्वेदिक दवाइयां बेचना शुरू कर दिया। अधिक पैसा कमाने के लिए उसने गौतम सिंह से प्रतिबंधित दवाइयां खरीदना शुरू कर दिया।
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कूरियर के माध्यम से गोरखपुर से दिल्ली भेजी जाती थी दवाइयां
अमित गोयल ने खुलासा किया कि वह गोरखपुर के प्रसिद्ध भालोटिया मार्केट में दवाइयां बेचता था। गौतम सिंह ने उसे ट्रामाडोल की व्यवस्था करने के लिए कहा था। चूंकि इन प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति में अच्छा मुनाफा होता है इसलिए उसने दवाओं का प्रबंध किया और उन्हें सामान्य पैकेज की तरह छिपाकर कूरियर के माध्यम से गौतम सिंह को भेजना शुरू कर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाख ने साइकोट्रोपिक दवाओं (प्रतिबंधित दवाई) की आपूर्ति करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को दिल्ली और यूपी के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित दवा ट्रामाडोल के 2160 कैप्सूल बरामद किए गए हैं। आरोपी इन दवाइयों को गोरखपुर की भालोटिया मार्केट से दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट में भेजते थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा के अनुसार शाखा में तैनात हवलदार संदीप और विनोद को आयुर्वेदिक दवाओं की आड़ में प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाओं की आपूर्ति करने की गुप्त सूचना मिली थी। साथ ही यह पता चला था कि आपूर्ति करने के लिए आरोपी शाहदरा निवासी हरीश खुराना तीस हजारी अदालत के पास ट्रामाडोल कैप्सूल देने आ रहा है। सूचना पर एसीपी राजपाल डबास, इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत व एसआई मनोज कुमार मीणा की टीम ने दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर के पास घेराबंदी कर हरीश को 2160 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया।
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आरोपी से पूछताछ के बाद टीम भागीरथ पैलेस मार्केट और गोरखपुर के भालोटिया मार्केट पहुंची। वहां पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गौतम सिंह व अमित गोयल को गिरफ्तार कर लिया। गौतम सिंह दिल्ली के भागीरथ पैलेस में एक छोटी सी दुकान चलाता है और अमित गोयल गोरखपुर के भालोटिया मार्केट से एक दवा की दुकान चलाता था। पूछताछ में गौतम सिंह ने खुलासा किया कि वह अमित गोयल के संपर्क में आया। अमित गोयल से ट्रामाडोल कैप्सूल लेकर वह हरीश खुराना को अच्छे मार्जिन पर बेचता था। वहीं, हरीश ने खुलासा किया कि वह 1990 से दवाओं की आपूर्ति के क्षेत्र में काम कर रहा है और उसे इसी तरह के एनडीपीएस मामलों में दो बार गिरफ्तार किया जा चुका है। 2024 में जेल से बाहर आने के बाद उसने भागीरथ पैलेस में एक छोटी सी दुकान खोली और आयुर्वेदिक दवाइयां बेचना शुरू कर दिया। अधिक पैसा कमाने के लिए उसने गौतम सिंह से प्रतिबंधित दवाइयां खरीदना शुरू कर दिया।
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कूरियर के माध्यम से गोरखपुर से दिल्ली भेजी जाती थी दवाइयां
अमित गोयल ने खुलासा किया कि वह गोरखपुर के प्रसिद्ध भालोटिया मार्केट में दवाइयां बेचता था। गौतम सिंह ने उसे ट्रामाडोल की व्यवस्था करने के लिए कहा था। चूंकि इन प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति में अच्छा मुनाफा होता है इसलिए उसने दवाओं का प्रबंध किया और उन्हें सामान्य पैकेज की तरह छिपाकर कूरियर के माध्यम से गौतम सिंह को भेजना शुरू कर दिया।