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गैंग्स ऑफ वासेपुर की तरह यहां चलती हैं गोलियां

Fri, 22 Aug 2014 08:13 AM IST
Updated Fri, 22 Aug 2014 08:13 AM IST
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Gang of Wasepur in Greater Noida

जरा-जरा सी बात पर आजकल ग्रेटर नोएडा गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज रहा है। गोलीबारी की घटनाओं में वृद्धि से शहर के लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है। इधर हाल में अपराधी प्रवृति के लोगों का लगता है हौसला बढ़ा हुआ है। और चिंता की बात यह कि बदमाश वारदात करने के बाद पकड़े भी नहीं जा रहे हैं।

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ग्रेटर नोएडा में पिछले ढाई साल में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। अपराधियों के पास अत्याधुनिक हथियार हैं। युवाओं में अवैध असलहे रखने का क्रेज बढ़ रहा है। हथियार रखने और उसे चलाने के बाद क्या होगा, इसका उन्हें एहसास नहीं है। ग्रेटर नोएडा में पिछले करीब तीन माह में डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसी वारदात हुई हैं। जिनमें गोली चलाने के कारण का ही पता नहीं है।

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यहां भी हैं कई सरदार सिंह

Gang of Wasepur in Greater Noida

बीते सोमवार को बारी से पहले सीएनजी डलवाने को लेकर विवाद के बाद सिकंदराबाद के व्यापारी को गोली मारी गई। करीब तीन माह पहले येलो चिली रेस्तरां में एक युवक की इंजीनियर से मामूली कहासुनी हुई थी। नतीजा इंजीनियर की हत्या के रूप में निकला।

मकौड़ा गांव के पास सेल्समैन द्वारा जबरन सामान लेने का विरोध किया था। जिसमें एक युवक ने उसे तमंचे से गोली मार दी थी। जैतपुर गांव निवासी एक युवक को 105 मीटर रोड पर गोली मारी दी थी।

घायल का इतना कसूर था कि उसने रास्ता नहीं बताया, जिसकी उसे जानकारी ही नहीं थी। एक माह पहले सेक्टर-36 में ट्यूबवैल पर नहाते हुए एक व्यक्ति की कुछ युवकों से बहसबाजी हो गई। युवकों ने उसके पैर में गोली मारकर कार लूट ली थी।

सवा माह पहले एलजी कंपनी के पास एक इंजीनियर को बदमाशों ने गोली मारी थी कि वह उससे जबरन पर्स मांग रहे थे। ढाई माह पहले दनकौर में पहले पेट्रोल डलवाने को लेकर हुए विवाद में युवक को गोली मारी थी।

पुलिस को भी पता है अवैध असलहों के बारे में

Gang of Wasepur in Greater Noida

युवाओं के पास बढ़ रहे असलहों की जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी है। पिछले कुछ दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं में सबसे ज्यादा पिस्टल का प्रयोग किया गया है।

जिनमें 40 फीसदी घटनाओं में प्रतिबंधित बोर की गोली का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा वाहन चेकिंग के दौरान भी अकसर ऐसे ही हथियार मिल रहे हैं।

एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध असलहे रखने का प्रचलन बढ़ा है। लेकिन पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान में काफी हद तक ऐसे युवाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से असलहे बरामद किए गए हैं।

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