फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ganeshotsav will be decorated with Operation Sindoor and One Tree in Name of Mother initiative

Ganesh Chaturthi: ऑपरेशन सिंदूर और एक पेड़ मां के नाम पहल से सजेंगे पंडाल, अंतरिक्ष में घूमते दिखेंगे बप्पा

Mon, 25 Aug 2025 09:51 AM IST
अनुज कुमार सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली
सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 25 Aug 2025 09:51 AM IST
सार

दिल्ली में गणेश चतुर्थी 2025 का उत्सव 'ऑपरेशन सिंदूर' की देशभक्ति और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की पर्यावरण संरक्षण थीम के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। पंडालों में इको-फ्रेंडली मूर्तियां, जलाशयों में विसर्जन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पर्यावरण जागरूकता पर जोर रहेगा।

विज्ञापन
Ganeshotsav will be decorated with Operation Sindoor and One Tree in Name of Mother initiative
ganesh chaturthi - फोटो : Adobe stock

विस्तार

दिल्ली की सड़कें फिर से गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजने वाली हैं। इस बार गणेश चतुर्थी में ऑपरेशन सिंदूर की देशभक्ति वाली थीम और एक पेड़ मां के नाम अभियान की हरी-भरी झलक से पंडाल गुलजार होंगे। बुधवार से शुरू होने वाले दस दिवसीय महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर रहेगा। 

विज्ञापन


इस बार कई पंडालों में जलाशय बनाए जा रहे हैं, जहां गणपति का विसर्जन होगा। बाद में उसी पानी से पौधे लगाए जाएंगे। लक्ष्मी नगर, रोहिणी, द्वारका, करोल बाग, राजौरी गार्डन और साकेत जैसे इलाकों में बड़े पंडाल सजाए जा रहे हैं। इस बार हर पंडाल की खास थीम है। कहीं महाराष्ट्र की झलक तो कहीं दक्षिण भारत की परंपरा देखने को मिलेगी। 
विज्ञापन


लक्ष्मी नगर के श्री गणेश सेवा मंडल में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। इस साल यहां के पंडाल पर ऑपरेशन सिंदूर की थीम छाई हुई है, जो सेना की ऑपरेशन से प्रेरित है। इसके अलावा कई पंडालों में गणपति को सेना की वर्दी में सजाया जाएगा। इसके माध्यम से जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोजक महेंद्र सिंह लड्डा बताते हैं कि पिछले 24 साल से गणेश चतुर्थी का आयोजन कर रहे है। उन्होंने बताया कि वह हर साल इको-फ्रेंडली मूर्ति बनवाते हैं। इस बार भी मूर्ति में मिट्टी और पानी के रंगों का इस्तेमाल किया गया, जो इसे पर्यावरण अनुकूल बनाता है। इसके अलावा समितियां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ योगा कैम्प, पर्यावरण प्रदर्शनी और रक्तदान शिविर भी आयोजित करेंगी।

अंतरिक्ष में घूमते दिखेंगे बप्पा 
गणेशोत्वस के कुछ पंडालों में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के स्पेस मिशन वाली थीम भी दिखेगी। कुछ पंडालों को अंतरिक्ष यान की शक्ल देने की तैयारी है। करोल बाग पंडाल के आयोजक राम ने बताया कि बप्पा इस बार अंतरिक्ष में घूमते नजर आएंगे। इससे बच्चों को विज्ञान और देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा। आकाश व अग्नि मिसाइल और तेजस फाइटर जेट के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

हर साइज की मूर्तियां हैं उपलब्ध 
बाजार में छोटे से लेकर बड़े साइज तक गजानन उपलब्ध हैं। चार इंच से 6 इंच वाली छोटी मूर्तियां 399 रुपये से शुरू होकर 999 रुपये तक मिल रही हैं, जो घर की पूजा के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं। वहीं मीडियम साइज (7 से 12 इंच) 1,200 से 3,500 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि बड़े पंडालों के लिए 14 से 24 इंच वाली मूर्तियां पांच हजार से 20 हजार व इससे अधिक रुपये तक जा रही हैं। हौज रानी के दुकानदार ने राहुल ने बताया कि इस साल स्टॉक खत्म होने वाला है।


सबसे ज्यादा इको-फ्रेंडली मूर्तियों की डिमांड
सबसे ज्यादा डिमांड इको-फ्रेंडली मूर्तियों की है, जो शंख-चूर्ण, क्ले, शाडू मिट्टी, लाल मिट्टी, गोबर, पेपर माशे, हल्दी-चावल और टेराकोटा से बनी हैं। इनकी खासियत है कि ये कुछ ही घंटों में पूरी तरह घुल जाती हैं और मिट्टी को उपजाऊ बनाती हैं। लक्ष्मी नगर के एक कारीगर श्याम सुंदर ने बताया कि रंगों में भी प्राकृतिक अर्क का इस्तेमाल हो रहा है, जैसे गेरू, हल्दी और चायपत्ती से बने शेड्स। सीड गणेश या प्लांट-ए-गणेश वाली मूर्तियों का भी ट्रेंड हैं, जिनमें बीज डाले जाते हैं, विसर्जन के बाद पौधा उगता है। इनकी कीमत 499 से 2,500 रुपये तक है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed