राजघाट की हालत खराब, अव्यवस्था के लिए याचिका दायर
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट में साफ सफाई का अभाव व प्रबंधन की खराब हालत का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार व राजघाट गांधी स्मृति व नार्थ एमसीडी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने तीनों पक्षों को 9 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं, कि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर गौर क्यों नहीं किया जा रहा।
अदालत ने मामले की सुनवाई 9 मार्च को तय की है। श्याम नारायण द्वारा दायर में कहा गया है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि की हालत काफी खराब है।
वॉशबेसन टूटे पड़े हैं, पीने का पानी नहीं है
राजघाट गांधी स्मृति की जिम्मेदारी है कि वहां हर प्रकार की सुविधा हो लेकिन रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। याची ने कहा कि वे कई बार समाधि पर श्रद्धांजलि देने गए हैं और वहां के रखरखाव को देखकर काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि समाधि पर देश के लोगों के अलावा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आते है।
उन्होंने कहा कि समाधि पर वॉशबेसन टूटे पड़े हैं, पीने का पानी नहीं है। जगह-जगह कूड़ा कचरा फैला है। गंदगी के कारण बदबू रहती है। जब वीआईपी आते है तभी कुछ साफ सफाई होती है।
याची ने कहा कि उन्होंने गांधी स्मृति के अलावा केंद्रीय शहरी मंत्रालय को कई बार पत्र लिखे लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में सरकार को समाधि स्थल पर उचित व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया जाए।