यहां गुजरी थी गजेंद्र ने जिंदगी की आखिरी रात
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जंतर-मंतर पर खुदकुशी करने वाले किसान गजेंद्र सिंह के मोबाइल पर किसी आप नेता या कार्यकर्ता की कॉल नहीं है। मोबाइल में रिसीविंग, डायलिंग और मिस्ड कॉल की जो सूची है, उसमें उसके परिवार और रिश्तेदार की कॉल हैं।
कॉल लॉग में आने और जाने वाले फोन नाम से सेव हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोबाइल पर किसी अनजान या फिर किसी नेता की कॉल नहीं है। दिल्ली पुलिस गजेंद्र की मौत को खुदकुशी मान रही है। दुर्घटनावश उसकी मौत नहीं हुई है।
इस कारण पुलिस ने एफआईआर में लापरवाही से हुई मौत की धारा नहीं जोड़ी है। गजेंद्र के पास से दो मोबाइल मिले हैं। एक मोबाइल बंद था और दूसरा चालू। ये मोबाइल उसने कमर में बांध रखे पाउच में रखे थे।
पुलिस ने चालू फोन को खोलकर देखा तो उसमें ज्यादातर कॉल 21 अप्रैल की हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों मोबाइल जब्त कर लिए हैं। उन्हें एक-दो दिन में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
गोल मार्केट में ठहरा था गजेंद्र
यह भी देखा जाएगा कि कोई कॉल डिलीट तो नहीं की गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन की डिटेल से ही पता लगेगा कि उसे किसी ने बुलाया तो नहीं था।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गजेंद्र दौसा से अकेला ही आया था। वह गोल मार्केट स्थित एक रिश्तेदार के यहां ठहरा था। इस रिश्तेदार को भी आम पार्टी का समर्थक नहीं बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस रिश्तेदार से जल्द ही पूछताछ की जाएगी कि घटना वाले दिन की पूर्व संध्या पर गजेंद्र से उसकी क्या बात हुई थी।