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जमीन मिले बिना ही राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र का हो गया शिलान्यास
Sat, 18 May 2019 11:37 PM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 18 May 2019 11:37 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र के लिए चिह्नित 51 हजार वर्ग मीटर जमीन खाली हुई नहीं और शिलान्यास भी हो गया। नंदग्राम में 168 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रशिक्षण केंद्र के लिए चिह्नित की गई जमीन में से अभी 38 हजार वर्ग मीटर जमीन ही कब्जामुक्त है। बाकी जमीन पर 70 से ज्यादा मकान बने हैं। अब राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र को बनाने से पहले सरकारी जमीन पर बनाए गए इन अवैध मकानों को ध्वस्त करना होगा।
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शासन से मंजूरी के बाद नवंबर 2018 में राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए प्रशासनिक शासनादेश जारी हो चुका है। आईआईटी इंजीनियर चिह्नित की गई जमीन की मिट्टी का परीक्षण भी कर चुके हैं। इसके निर्माण की जिम्मेदारी सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शंस एंड डिजाइन सर्विसेज) को मिली है।
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नगर निगम का संपत्ति विभाग प्रशिक्षण केंद्र के लिए पूरी जमीन का इंतजाम नहीं कर पाया है। निगम अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर बने इन अवैध निर्माणों को चिह्नित तो करा लिया हैं, लेकिन अवैध मकानों को ध्वस्त करने से हिचकिचा रहे हैं। अपर नगर आयुक्त व संपत्ति अधिकारी आरएन पांडेय का कहना है कि आचार संहिता के बाद पुलिस बल को साथ लेकर अवैध निर्माण हटाकर राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र की जमीन खाली कराई जाएगी।
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268 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट
प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण पर पहले चरण में 168.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके निर्माण पर कुल 268 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए बड़ा भवन बनाया जाएगा। प्रशासनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी और इनके अलावा यहां कोर्सेज में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए गर्ल्स व ब्वॉयज होस्टल भी बनाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने गाजियाबाद में पहला प्रशिक्षण केंद्र बनाने का फैसला लिया है।