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फंड नहीं, पर पास हुईं 370 करोड़ की फाइलें

Thu, 29 May 2014 03:11 AM IST
भोला पांडे/अमर उजाला, फरीदाबाद
भोला पांडे/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 29 May 2014 03:11 AM IST
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fund shortage but pass project of 370 crore

फरीदाबाद नगर निगम अधिकारियों के कुप्रबंधन के कारण शहर में 370 करोड़ रुपये के विकास कार्य लटक गए हैं। इनमें कई विकास कार्य मुख्यमंत्री घोषणा के भी शामिल हैं। कई फाइलों पर वर्क ऑर्डर होने के बावजूद निगम की कंगाली के कारण वह सिर्फ कागजों तक सिमटे हुए हैं। अगर सरकार और नगर निगम में इसके लिए पैसे को लेकर तालमेल नहीं हुआ तो विधानसभा चुनाव में इसका साइड इफेक्ट देखने को मिल सकता है।

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हालत यहां तक खराब हो गए हैं कि निगम अधिकारियों को अपने कर्मचारियों का वेतन देने में पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि निगम का कोई भी अधिकारी स्थाई आय बढ़ाने का उपाय करने को तैयार नहीं है। नाम नहीं छापने की शर्त पर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में करीब सौ से अधिक फाइलों पर वर्क आर्डर जारी किए जा चुके थे।
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लेकिन शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक आदेश ने उन आर्डरों पर पानी फेर दिया। विभाग ने सभी विकास कार्य कराने पर रोक लगा दी है। सरकार ग्रांट देने को तैयार नहीं है और निगम कंगाल हुआ पड़ा है।
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चुनावी सीजन में जनता और पार्षद दोनों परेशान हैं। क्योंकि जनता को अपने क्षेत्र में विकास कार्य चाहिए और पार्षदों को विकास के नाम पर वोट। विकास कार्य रुकने से पार्षदों को अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही है। यही कारण है कि विपक्षी पार्षदों के साथ-साथ सत्ता पार्टी से जुडे़ पार्षदों ने इस बात को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री के दरबार में गुहार लगाई है। लेकिन वहां से भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
निगम के कई पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वार्ड-21 के पार्षद ओमप्रकाश रक्षवाल का कहना है कि निगम अधिकारी विकास कार्यों को लेकर गंभीर नहीं हैं। कई अधिकारी जान-बूझ कर विकास कार्यों में अड़ंगा डालते हैं। उनका तो कुछ होता नहीं। वह ट्रांसफर कराके चले जाते हैं। यहां जनता को जवाब उन्हें देना पड़ता है।

विकास कार्य न कराने का फरमान तो शहरी स्थानीय निकाय और नगर निगम दे देता है लेकिन खुद अपनी सुख-सुविधाओं और खर्च में कोई कटौती नहीं करता। डिप्टी मेयर राजेंद्र भामला ने भी अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होंगे तो वह जनता को क्या जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर विकास कार्यों के लिए पैसे मांगेंगे।


रुके पड़े प्रमुख कार्य, जिसके हो चुके हैं वर्क ऑर्डर
-सेहतपुर, सूर्यनगर पार्ट वन व टू तथा तेजपुर में लगे ट्यूबवेल पर बिजली कनेक्शन।
-वार्ड-21 में इंटरलॉकिंग टाइल्स का कार्य।
-सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य।
-बसंतपुर व अगवानपुर में फिरनी का सड़क निर्माण।
-सेक्टर-22-23 के बीच में पार्क का निर्माण कार्य।
-सेक्टर-23 में मद्रासी मंदिर वाली रोड का निर्माण कार्य।
-संजय कालोनी में 44 फुट का रोड का निर्माण।
-सीएम घोषणा में मेट्रो सिनेमा के सामने ईएसआई चौक से रोज गार्डेन तक आरएमसी रोड(रेड़ी मिक्स कंकरीट)।
-वाईएमसीए रोड, सेक्टर-4 वाली रोड, सेक्टर-9-10 की डिवाईडिंग रोड।
-सेक्टर-19, 28, 29 व मुजेसर की रोड।
-बल्लभगढ़ में ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य।
-सेक्टर-22 में सीवर जाम को सुधारने का कार्य
-एफसीआई के सामने फैरीफे रल रोड का निर्माण कार्य आदि।

नगर निगम के लेखा अधिकारी विशाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की ग्रांट पास की है। उम्मीद है कि यह रकम जल्द ही आ जाएगी। इससे कुछ राहत मिलेगी।

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