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पूर्ण राज्य के तहत यूएसए-ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर प्रशासनिक राजधानी बनेगी दिल्ली!
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 19 May 2016 02:24 AM IST
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केजरीवाल और सिसोदिया
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉंफ्रेंस कर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने वाले ड्रॉफ्ट बिल का मसौदा जनता के सामने पेश किया। मसौदा दिल्ली सरकार की वेबसाइट http://delhi.gov.in/wps/wcm/connect/DOIT_SODB/sodb/home पर अपलोड है जिस पर जनता से 30 जून तक राय मांगी गई है। राय देने के लिए सरकार ने fullstatehood.delhi@gov.in, fullstatehood.delhi@gmail.com मेल आईडी जारी की है।
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केजरीवाल ने कहा है, पिछले 22 साल से जो भी पार्टी चुनाव लड़ी है, सबके घोषणापत्र में पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वादा रहा है, उसे ही हमने सामने रखा है। ड्रॉफ्ट बिल की प्रति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के साथ सभी राजनीतिक दलों को पत्र के साथ भेजेंगे। ड्रॉफ्ट बिल पर सुझाव मांगेंगे और मिलेंगे। सभी पार्टियों की सर्वसम्मति से दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने वाला बिल तैयार हो और उसे संसद से मंजूरी दिलाई जाए, इसकी मांग करेंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता या अन्य किसी स्तर पर ड्रॉफ्ट मसौदे में सुधार के लिए जो सुझाव आएंगे, उसमें से आवश्यक चीजें शामिल करके विधानसभा में प्रस्ताव पास करेंगे। अगर इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना पड़ा तो वो भी बुलाएंगे।
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संयुक्त प्रेस कॉंफ्रेंस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा और कांग्रेस के पुराने घोषणापत्र दिखाए और कहा कि दोनों पार्टियां वर्षों से वादा करती आई हैं, वहीं हम आगे बढ़ा रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, जो पुराने ड्रॉफ्ट बने हैं या संसद में पेश किया गया, उसी से सीखकर ये मसौदा बनाया गया है।
आप सरकार ने पूर्ण राज्य के मसौदे के साथ डाला प्राइमर
अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि जब दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की बात आती है तो कहते हैं देश की राजधानी है। दूतावास हैं, राष्ट्रपति भवन और संसद है। तो उसी को ध्यान में रखकर नई दिल्ली क्षेत्र को छोड़कर बाकी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का मसौदा तैयार किया गया है। द स्टेट ऑफ दिल्ली बिल, 2016 के शीर्षक से तैयार मसौदे में डीडीए, एमसीडी, दिल्ली पुलिस, नौकरशाही को सीधे तौर पर दिल्ली की चुनी गई सरकार के प्रति जवाबदेह बनाए जाने का प्रावधान रखा गया है।
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान कर राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, दूतावास, लुटियंस जोन को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तौर पर रखने का जिक्र किया गया है। मसलन, देश की राजधानी का मतलब नई दिल्ली हो।
आप सरकार ने पूर्ण राज्य के मसौदे के साथ एक प्राइमर डाला है जिसमें पूर्ण राज्य बनाए जाने की जरूरत, पूर्ण राज्य की मांग को व्यावहारिक बताने के तर्क दिए जाने के अलावा दूतावास क्षेत्र के राज्य सरकार के आधीन हो सकती है या नहीं? इस पर कहा गया है कि रोम में वेटिकन राज्य अलग पुलिस फोर्स के साथ है। इसके अलावा यूएसए में पुलिस डिपार्टमेंट चलाए जाते हैं। इस तरफ सोचा जा सकता है।
प्राइमर में लिखा है कि यूएसए, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में बहुत छोटी सी प्रशासनिक राजधानी है। वाशिंगटन डीसी, कैनेबरा और ओटावा बहुत बड़ी आबादी नहीं है बल्कि प्रशासन और संघीय व्यवस्था की वजह से ऐसा किया है। हम अपनी तुलना उन देशों से करते हैं जो बड़ी आबादी वाले केंद्र हैं जहां बहुत सी समस्याएं हैं। न्यूयार्क और लंदन में भी लोकल पुलिस है।
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान कर राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, दूतावास, लुटियंस जोन को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तौर पर रखने का जिक्र किया गया है। मसलन, देश की राजधानी का मतलब नई दिल्ली हो।
आप सरकार ने पूर्ण राज्य के मसौदे के साथ एक प्राइमर डाला है जिसमें पूर्ण राज्य बनाए जाने की जरूरत, पूर्ण राज्य की मांग को व्यावहारिक बताने के तर्क दिए जाने के अलावा दूतावास क्षेत्र के राज्य सरकार के आधीन हो सकती है या नहीं? इस पर कहा गया है कि रोम में वेटिकन राज्य अलग पुलिस फोर्स के साथ है। इसके अलावा यूएसए में पुलिस डिपार्टमेंट चलाए जाते हैं। इस तरफ सोचा जा सकता है।
प्राइमर में लिखा है कि यूएसए, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में बहुत छोटी सी प्रशासनिक राजधानी है। वाशिंगटन डीसी, कैनेबरा और ओटावा बहुत बड़ी आबादी नहीं है बल्कि प्रशासन और संघीय व्यवस्था की वजह से ऐसा किया है। हम अपनी तुलना उन देशों से करते हैं जो बड़ी आबादी वाले केंद्र हैं जहां बहुत सी समस्याएं हैं। न्यूयार्क और लंदन में भी लोकल पुलिस है।