खाते में लाखों रुपये देख ठनका पड़ोसी का दिमाग, दोस्त की ईंट से कुचलकर कर दी हत्या
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खाते में लाखों रुपये देखकर कॉलसेंटर कर्मी ने ईंट से कुचलकर पड़ोसी दोस्त को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसके एटीएम से धीरे-धीरे 2.75 लाख रुपये निकाल लिए। थाना फेज दो पुलिस ने एटीएम की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मूलरूप से फर्रुखाबाद निवासी धर्मेंद्र (35) फेज दो के नया गांव में किराये पर रहता था और सेक्टर-दो की एक कंपनी में काम करता था। इसी मकान में इटावा निवासी मुकेश भी किराये पर रहता था। मुकेश एनएसईजेड के एक कॉलसेंटर में काम करता है। एक ही घर के अलग-अलग कमरे में किराये पर रहने से दोनों में दोस्ती हो गई थी।
मुकेश को दो हजार रुपये की जरूरत थी। 2 मई को धर्मेंद्र उसे लेकर एनएसईजेड के एक एटीएम पर गया और चार हजार रुपये निकाले। एटीएम से पैसे निकलाते वक्त मुकेश भी अंदर मौजूद था। उसने धर्मेंद्र के एटीएम का पिन देख लिया था। पैसे निकालने के बाद उसने देखा कि धर्मेंद्र के खाते में 5.26 लाख रुपये हैं। यहीं से मुकेश की नियत खराब हो गई।
आरोप है कि 20 मई को मुकेश, धर्मेंद्र के कमरे पर गया तो उधार दिए हुए पैसे वापस करने को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान मुकेश ने पास में पड़ी हुई ईंट उठाकर धर्मेंद्र के सिर पर मार दी। धर्मेंद्र के बेसुध होने पर मुकेश ने ईंट से उसका सिर बुरी तरह से कुचलकर दिया। इसके बाद मुकेश एटीएम कार्ड लेकर बाहर ताला लगाकर वहां से चला गया। हत्या के बाद भी मुकेश उसी घर में कमरे पर रह रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
इधर, हत्या के बाद से धर्मेंद्र के परिजन का उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था। 23 मई को धर्मेंद्र के जीजा राज किशोर उसके कमरे पर पहुंचे। कमरा बाहर से बंद था और अंदर से बदबू आ रही थी। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर शव बरामद कर लिया। जीजा ने थाना फेज दो में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करा दिया।
मकान बनाने के लिए थी पैसों की जरूरत
एसपी सिटी ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ एफआईआर होने पर मुकेश बेफिक्र हो गया और उसने धर्मेंद्र के एटीएम कार्ड से पैसे निकालने शुरू कर दिए। मुकेश इटावा में मकान बनवा रहा है, जिसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। जांच के दौरान पुलिस को धर्मेंद्र के एटीएम कार्ड से पैसे निकाले जाने का पता चला। 24 मई से 5 जून तक 12 बार में धर्मेंद्र के एटीएम से 2.75 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। पैसे अलग-अलग एटीएम से निकाले गए थे।
इसके बाद पुलिस ने एटीएम की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की। 24 मई को पहले ट्रांजक्शन में मुकेश का चेहरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। बाद के ट्रांजक्शन मुकेश ने अलग-अलग लोगों की मदद से की, लेकिन उन एटीएम के पास मुकेश की लोकेशन थी।
मुकेश ने तीन ट्रांजक्शन इटावा में किए थे। इससे पुलिस का संदेह उस पर गहरा गया। बृहस्पतिवार शाम फेज दो पुलिस ने मुकेश को एनएसईजेड तिराहे के पास से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया है। पुलिस ने उसके पास से धर्मेंद्र के एटीएम से निकाली गई रकम में से 2.04 लाख रुपये और हत्या में प्रयुक्त ईंट बरामद कर ली है।