रक्षाबंधन पर डीटीसी-हरियाणा रोडवेज का बहनों को तोहफा, कराएंगे फ्री राइड
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भाई-बहन के प्यार के त्यौहार रक्षाबंधन पर बेहतर परिवहन उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निकायों ने कमर कस ली है। दिल्ली परिवहन निगम जहां रक्षाबंधन के दिन महिलाओं को मुफ्त सफर कराएगा। वहीं मेट्रो इस दिन भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त फेरे लगाने की तैयारी में है। इससे राखी बांधने के लिए महिलाओं को दूसरी जगह जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
डीटीसी ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन (18 अगस्त) को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक महिलाओं को मुफ्त में सफर कराया जाएगा। हालांकि यह सुविधा सिर्फ नॉन एसी बसों में होगी। एसी बस में तय किराया देना होगा।
मुफ्त सफर का लाभ सिर्फ दिल्ली ही नहीं एनसीआर जाने वाली महिलाओं को मिलेगा। मगर एनसीआर के शहरों से आगे जाने वाली बसों में यह सुविधा नहीं मिलेगी। डीटीसी के मुताबिक अधिक भीड़ वाले रूट पर अतिरिक्त बसें भी चलेंगी। बसें समय पर मिले इसके लिए डीटीसी अधिक से अधिक बसें सड़क पर उतारेगी।
इसी तरह मेट्रो भी रक्षाबंधन वाले दिन अधिक भीड़ होने को देखते हुए अतिरिक्त फेरे लगाने की तैयारी में है। इस दिन मेट्रो करीब 134 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इसके अलावा दो लाइनों पर कोच की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अधिक भीड़ वाले स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाएगी जिससे लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में 'सिस्टर फर्स्ट'
रोडवेज के आरएम पी के बोस ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए गाजियाबाद रीजन की सभी 735 बसों में बहनों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बसों में महिला सवारियों की पहले एंट्री की जाएगी, ताकि उन्हें सीट मिल सके।
छोटे रूटों के साथ ही लंबे रूटों पर भी बसें चलेंगी। मंगलवार से अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। बसों को ऑन डिमांड बढ़ाया भी जा सकता है। रक्षाबंधन वाले दिन महिला यात्रियों को देखते हुए सुबह छह बजे से रात दस बजे तक बसें लगातार चलेंगी।
कौशांबी, गाजियाबाद और आनंद विहार अंतर्राज्यीय बस अड्डे सहित अन्य सभी बस अड्डों पर पानी और शौचालयों की व्यवस्था की गई है। निगम की बसों के अलावा संविदा पर संचालित बसें भी चलेंगी।
लंबें रूटों पर डिमांड बढ़ने पर बढ़ाई जाएंगी एसी बसें
अधिकारियों की मानें तो अभी तक किसी भी रूट पर अतिरिक्त बस नहीं लगाई गई है, अगर बुधवार को लखनऊ, गोरखपुर, बनारस आदि रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो मुरादाबाद, बरेली, आगरा आदि छोटे रूट की बसों को बढ़ा दिया जाएगा। साथ ही ऋषिकेश, हरिद्वार के लिए भी बसों का संचालन होगा
कार्टून कैरेक्टर से ज्यादा बच्चों को भाए केजरीवाल
केजरीवाल ने मोदी को पीछे छोड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिर्फ ट्विटर पर ही नहीं, राखियों के ट्रेंड में भी बने हुए हैं। दिलचस्प यह है कि बच्चों ने प्रधानमंत्री की तुलना में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ज्यादा पसंद किया है। इन दोनों की राखियां 30 रुपये में मिल रही हैं। इंदिरा मार्केट के दुकानदार कृष्णा ने बताया कि अरविंद केजरीवाल की राखी का पूरा स्टॉक खत्म हो चुका है। प्रधानमंत्री की राखी का भी कुछ ही स्टॉक बचा हुआ है। इस बार बच्चे भीम, मोटू-पतलू , बेन- 10, डोरेमोन, एंगरी बर्ड से भी ज्यादा दिल्ली के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पसंद कर रहे हैं।
राखी कीमत
अरविंद केजरीवाल राखी 30 रुपये
नरेंद्र मोदी राखी 30 रुपये
भीग राखी 40 रुपये
लाइट की तितली रखी 60 रुपये
बेन 10-40 रुपये
एंगरी बर्ड 40 रुपये
छोटा भीम 40 रुपये
कृष्णा राखी 120 रुपये
भोलेनाथ राखी 120 रुपये
भा रहे हैं ब्रेसलेट
इस बार शॉपिंग वेबसाइट पर ग्राहकों को लुभाने के लिए भी ढेरों ऑफर्स हैं। खास बात यह है कि जिस दिन राखी बुक कराएंगे, उसी दिन राखी की डिलीवरी भी हो जाएगी। लेकिन, इसके लिए एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। इसके बावजूद लोग ऑनलाइन राखियां खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
ब्रेसलेट फिर बने महिलाओं की पसंद
अब बड़ों के लिए राखियां भी 150 रुपये तक की आ रही हैं और ब्रेसलेट की कीमत भी 150 रुपये से ही शुरू है। ऐसे में महिलाएं भाइयों की कलाई में बांधने केलिए ब्रेसलेट ज्यादा खरीद रही हैं। मार्केट में साधारण ब्रेसलेट के साथ - साथ डिजाइनर ब्रेसलेट भी आए हुए हैं।
भाभियों केलिए हैं कई वैरायटी
बहनें, भाइयों की कलाई में लुंबा राखी बांधती भी हैं। इसकी भी मार्केट में ढेरों वैरायटी उपलब्ध है। यह ज्यादातर नव विवाहित महिला के लिए खरीदा जा रहा है। भाइयों के हाथ में बांधने के लिए रेशम के धागे से बनी डिजाइनर लुंबा आ रहा है। इसमें मोती लगाए गए हैं। इसकी कीमत 200 रुपये है। इसके अलावा कढ़े पर लटकन लगी हुई हैं।
अलीगढ़ रूट पर झेलनी होगी परेशानी
सबसे व्यस्त माना जाने वाले अलीगढ़ रूट पर बसों का संचालन बहाल नहीं हो पाया है। ऐसे में यात्रियों को त्योहार पर सफर के दौरान भारी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इस रूट पर हरियाणा रोडवेज की बस नहीं मिलेगी। दो राज्यों के बीच परमिट को लेकर उपजे विवाद के कारण बस संचालन पिछले 15 दिनों से बाधित है। यात्री परेशान हैं और दोनों राज्यों के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
रक्षाबंधन पर हर बार अलीगढ़ रूट पर यात्रियों का बेतहाशा दबाव रहता है, क्योंकि औद्योगिक नगरी होने के नाते अलीगढ़, हाथरस, जेवर, अनूपशहर सहित आसपास के जिलों के लोग यहां रहते हैं। इसके अलावा बल्लभगढ़, फरीदाबाद व तिगांव क्षेत्र के लोगों की रिश्तेदारियां भी यूपी के इन शहरों में हैं। सबसे ज्यादा बसें भी अलीगढ़ रूट पर चलाई जाती हैं, लेकिन परमिट को लेकर उपजे विवाद के बाद संचालन ठप है। उम्मीद जताई जा रही थी कि त्योहार से पहले विवाद खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसे में यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
दरअसल, वर्ष 1983 में उत्तरप्रदेश और हरियाणा रोडवेज के बीच हुए समझौते के अंतर्गत दोनों रोडवेज निगम अलीगढ़ रूट पर बसों का संचालन करते हैं। इस रूट पर यूपी रोडवेज की करीब 50 और हरियाणा रोडवेज की 14 बसें आवागमन करती हैं। लेकिन अलीगढ़ एआरटीओ ने पिछले दिनों हरियाणा रोडवेज की दो बसों के चालान काटकर उन्हें बंद कर दिया था। जिससे खफा हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने यूपी रोडवेज की 10 बसों को स्थानीय परिवहन विभाग से जब्त करा दिया था।