दिल्ली चुनावः जनता की जुबां पर मुफ्त की सुविधाएं ...पर महंगाई भी मुद्दा
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे हॉट नई दिल्ली सीट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आप के प्रत्याशी हैं, वहीं उनके सामने कांग्रेस-भाजपा ने नए चेहरों को उतारा है। चुनावी चर्चाओं में आम आदमी पार्टी सरकार की मुफ्त सुविधाएं छाईं हुईं हैं, पर लोग महंगाई और रोजगार को भी बड़ा मुद्दा मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग डोर स्टेप डिलीवरी होने के बावजूद दफ्तरों के चक्कर काटने की समस्या गिना रहे हैं। हालांकि पार्टियों का प्रचार अभी जोर पकड़ेगा और चुनावी तस्वीर क्या रंग लाती है यह परिणाम के बाद ही तय हो पाएगा। पेश है नई दिल्ली विधानसभा सीट से लाइव चुनावी चर्चा:
दोपहर डेढ़ बजे लंच का वक्त था। निजी कंपनी में काम करने वाले अनिल चाय का कप हाथ में लेकर जयंत से कहने लगे...पता है...इस बार का चुनाव अखबारों और टीवी पर ही ज्यादा दिख रहा है। जमीन पर उतना नहीं....जयंत तुरंत बोले...अरे, कल देखा नहीं था क्या? अरविंद केजरीवाल का रोड शो निकला था। चाय वाले रामचरण बोले, हां देखा था।
फिर आनंद बोलते हैं, वो तो सब ठीक है, लेकिन बाकी कहां हैं? अनिल से नवीन ने पूछा, भाजपा से कौन खड़ा है... नवीन ने कहा.. पता नहीं। जेब से मोबाइल निकालकर अनिल ने गूगल खोला और कहा, सुनील यादव हैं और कांग्रेस से रोमेश सभरवाल। इसी बीच नवीन कहते हैं कि मुफ्त सुविधाओं का असर भले ही पूरी दिल्ली में हो रहा हो या नहीं, लेकिन हमारे यहां कोई असर नहीं है।
पानी और बिजली सबसे ज्यादा महंगी है। इस पर चारों सहमति जताते हैं। रामचरण बोलते हैं, भइया स्कूलों की हालत तो पहले से ठीक हुई है। मेरा बच्चा पहाड़गंज वाले स्कूल में जाता है। अनिल बोले, पता नहीं यहां तो कुछ नहीं बदला। इसी बीच जयंत बोले, बदलाव तो हुआ है। सरकारी विभागों में सुनवाई भी होने लगी है। अब तो आधे से ज्यादा दिल्ली फोन पर ही आ गया है।
अनिल बोले, क्या खाक फोन पर आ गया है। अभी भी चक्कर लगाने पड़ते हैं। नई दिल्ली में तो केंद्र का ही अधिकार रहता है। बेकार में यहां हायतौबा होता है। यहां से जीत जाते हैं, फिर कभी नहीं दिखते। नवीन बोले, भइया इनसे (सीएम) मिलना ही महाभारत है। नवीन ने पूछा, आपकी पसंद कौन है? जयंत कहते हैं, अभी तक तो हमें एक जैसा ही माहौल दिख रहा है। बाद में देखते हैं, अभी दिन बहुत पड़े हैं।
सबसे हॉट सीट मानी जाती है नई दिल्ली
दरअसल, नई दिल्ली सीट दिल्ली की राजनीति में हमेशा ही जंग का अखाड़ा रही है और हॉट सीट मानी जाती है। पिछले तीन बार से इस सीट पर जीतने वाला ही मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करता है। इस बार दिल्ली के इतिहास में सबसे ज्यादा नामांकन भी इसी सीट पर हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के यहां चुनाव लड़ने के कारण और भी ज्यादा चर्चा में आ गई है। जनता के बीच सुनील यादव और रोमेश सभरवाल नए चेहरे हैं, वहीं उनके सामने तीन बार के विधायक अरविंद केजरीवाल।
कौन-कौन मैदान में
पार्टी प्रत्याशी
आप अरविंद केजरीवाल
भाजपा सुनील यादव
कांग्रेस रोमेश सभरवाल
2015 का विधानसभा चुनाव
पार्टी प्रत्याशी वोट फायदा/नुकसान
आप अरविंद केजरीवाल 57,213 +10.88
भाजपा नूपुर शर्मा 25,630 +7.13
कांग्रेस किरण वालिया 4,781 -16.86
जातीय समीकरण
वाल्मीकि 8 फीसदी
जाट 6 फीसदी
खटीक 3 फीसदी
अन्य अनुसूचित जाति 2 फीसदी
गुर्जर 4 फीसदी
जाट 2 फीसदी
नई दिल्ली सीट से मतदाता
कुल मतदाता 1,37,924
महिला मतदाता 61,855
पुरुष मतदाता 76,061
अन्य: 8
2015 के चुनाव
-64.72 फीसदी मतदान
-35.59 फीसदी वोट के अंतर से मिली थी अरविंद केजरीवाल को जीत
-57213 वोट आप के अरविंद केजरीवाल को मिले।
-25, 630 वोट भाजपा की नूपुर शर्मा को मिले।
-465 नोटा पर पड़े।