दिल्ली चिड़ियाघर: बच्चों के साथ मम्मी-पापा की फ्री एंट्री
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दिल्ली चिड़ियाघर में 1 से 7 अक्तूबर तक वाइल्ड लाइफ वीक के दौरान 12 साल तक के बच्चों को प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं लेना पड़ेगा। यहां आने वाले बच्चों के लिए प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
चिड़ियाघर में बच्चों के साथ आने वाले माता-पिता का टिकट भी मुफ्त हो सकता है, बशर्ते उनका बच्चा वहां चल रहे वीक में आयोजित किसी कार्यक्रम में हिस्सा ले। अगर वह हिस्सा नहीं लेता है तो 12 साल तक के बच्चे का टिकट तो नहीं लगेगा, लेकिन इससे ज्यादा उम्र के लोग जो उसके साथ आएंगे उन्हें टिकट लेना पड़ेगा।
प्रशासन ने इसमें भाग लेने के लिए स्कूलों को भी पत्र लिखा है। चिड़ियाघर के क्यूरेटर रियाज खान ने बताया कि इसका मकसद बच्चों को जानवर व जंगल से रूबरू कराना है। वह कीपर्स से बात करके जानवरों के रखरखाव व व्यवहार के बारे में जानकारी जुटा सकेंगे।
पेंटिंग प्रतियोगिता में भी वह भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को कोई समस्या हो तो वह चिड़ियाघर के हेल्पलाइन नंबर 011-24358500, 24359825 पर फोन करके और जानकारी जुटा सकता है।'
चिड़ियाघरों में सुरक्षा उपाय को लेकर याचिका दायर
दिल्ली के चिड़ियाघर में बाघ द्वारा युवक को मारने के मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें दिल्ली के अलावा देशभर के जूलॉजिकल पार्क/चिड़ियाघरों में सुरक्षा खामियों की ओर ध्यान दिलवाया गया है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति तय करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील कुमार ने यह याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि कई चिड़ियाघरों में सुरक्षा लापरवाही के कारण दर्शकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इसके बावजूद सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने अदालत का ध्यान 23 सितंबर को दिल्ली चिड़ियाघर में मकसूद की मौत की ओर दिलाते हुए कहा कि यदि बाघ के बाड़े के पास तार की ऊंची दीवार व उचित मात्रा में गार्ड नियुक्त होते तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने याचिका में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, सेंट्रल जू अथॉरिटी सदस्य सचिव व दिल्ली जू के निदेशक को पक्ष बनाते हुए अदालत से आग्रह किया कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए आपात स्थिति में सुरक्षा उपाय सुझाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया जाए।
कब-कब हुए हादसे:
-1998 में नितिन वालिया नाम के लड़के का हाथ दिल्ली चिड़ियाघर में एक सफेद बाघ ने चबा लिया था।
-2000 में कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में 26 वर्षीय एक व्यक्ति को एक टाइगर ने मार डाला था।
-2007 में 50 वर्षीय जयप्रकाश को गुवाहाटी चिड़ियाघर में 2 बाघों ने जख्मी कर दिया, जिसकी मौत हो गई
-2012 में जमशेदपुर के टाटा स्टील स्थित चिड़ियाघर में 32 वर्षीय व्यक्ति को बाघ ने घायल कर दिया था
- 2012 में भुवनेश्वर के नंदनकानन चिड़ियाघर में शेरनी ने 42 वर्षीय सूर्य नारायण दास को घायल कर दिया था
-2012 में बेल्लारी के चिड़ियाघर में ग्रील से बड़ी बिल्ली को चॉकलेट खिलाने के दौरान बाघ ने जख्मी कर दिया
-2013 में मोहम्मद इमरान पटना चिड़ियाघर में एक शेर की मांद में घुस गया, जिसे चिड़ियाघर कीपर ने बचा लिया