एनडीएमसी में नौकरी के नाम पर भाइयों से 12.50 लाख रुपये की ठगी
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मध्य दिल्ली के करोल बाग इलाके में एक युवक ने एनडीएमसी में नौकरी दिलाने की बात कर अपने दोस्त दो भाइयों से 12.50 लाख रुपये ठग लिये। अपने पिता के ऊंचे पद का फायदा उठाकर उसने दोनों युवकों को बेवकूफ बनाया।
उसने पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र और ईमेल भी भेजे। काफी समय बीतने के बाद भी दोनों की नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने हर्ष उर्फ गोलू के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत में रोहित कुमार ने बताया कि वह परिवार के साथ करोल बाग इलाके में रहता है। उसके दोस्त हर्ष उर्फ गोलू के पिता एनडीएमसी में ऊंचे पद पर हैं।
हर्ष ने रोहित से कहा कि वह उसे और उसके भाई को एनडीएमसी में एफएसएसएआई में असिस्टेंट लगवा देगा। बदले में ढाई-ढाई लाख रुपये देने होंगे। झांसे में आए रोहित ने एक बार में ही पांच लाख रुपये हर्ष को दे दिए।
हर्ष ने पुराने एनडीएमसी मुख्यालय में ले जाकर रोहित व उसके भाई का मेडिकल कराने का नाटक किया। इसके बाद नौकरी में और रुपये लगने की बात कर कभी मेडिकल तो कभी पुलिस वेरीफिकेशन व अन्य मद के नाम पर वसूली की। आरोपी उन्हें एनडीएमसी की ओर से ईमेल भेजकर नौकरी में प्रगति की बात भी करने लगा।
बाद में हर्ष ने उनको नियुक्ति पत्र देकर और रुपये वसूले। उसने दोनों भाइयों से कुल करीब 12.50 लाख रुपये वसूले। इसके बाद भी रोहित व उसके भाई की नौकरी नहीं लगी। उन्होंने पूछा तो हर्ष बार-बार जल्द नौकरी ज्वाइन कराने की बात करने लगा। काफी दिन बाद भी नौकरी नहीं लगी तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। सूचना पुलिस को दी गई।
गारमेंट कारोबारी के कर्मी से 13 लाख की लूट
करोल बाग के कश्मीरी गेट इलाके में गारमेंट कर्मचारी शंकर दयाल ओझा के साथ 13 लाख की लूट हुई। कर्मचारी का कहना है कि बदमाश पहले उसे एक ऑटो, बाद में कार में डालकर घुमाते रहे और करोल बाग इलाके में फेंककर चले गए। ओझा ने सूचना 10 अक्तूबर को मालिक को दी। अब मालिक तरुण सचदेवा ने 26 दिसंबर को पुलिस को लिखित शिकायत देकर कर्मचारी ओझा पर ही रुपये गबन का शक जताया है। मंगलवार को कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, परिवार के साथ करोल बाग इलाके में रहने वाले तरुण सचदेवा का गारमेंट का माल दूसरे राज्यों में जाता है। उसकी पेमेंट लेने के लिए इनका कर्मचारी शंकर दयाल बस से जाता है। 9 अक्तूबर को शंकर माल पटियाला, चंडीगढ़, पंचकूला, शाहबाद, करनाल और पानीपत गया था।
10 अक्तूबर की शाम करीब 6:20 बजे शंकर ने तरुण को कॉल किया कि वह पेमेंट लेकर पानीपत से निकल रहा है। इसके बाद उसने रात करीब 9:30 बजे मालिक को फोन कर बताया कि कश्मीरी गेट बस अड्डे पर उतरने के बाद उसे तीन युवकों ने एक ऑटो में जबरन बिठा लिया। इसके बाद ईदगाह इलाके में एक महिला कार लेकर आई और जबरन उसे कार में बिठा लिया गया।
इधर-उधर घुमाने के बाद उससे रकम लूट ली गई। आरोपी उसे उसे करोल बाग में चलती कार से फेंक गए। पुलिस को सूचना मिली तो शंकर को गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। तरुण ने बताया कि शंकर ने लूट की जो कहानी सुनाई, उसे उस पर यकीन नहीं आया। पानीपत से 6:20 पर चलकर वह दिल्ली पहुंच भी गया और उसे कार में बिठाकर इतनी देर घुमाने के बाद लूट भी लिया गया। सब कुछ तीन घंटे में हो गया। उन्होंने शंकर पर रुपये गबन करने का आरोप लगाकर शिकायत पुलिस को दी है।