अमेरिका के नागरिक सहित दो पर धोखाधड़ी का केस
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आईटी कंपनी मालिक से धोखाधड़ी करने, 1.99 लाख डॉलर नहीं देने व फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के मामले में एक अमेरिका के नागरिक व कंपनी के कंसलटेंट के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि अमेरिका के नागरिक ने पुलिस से मिलकर पहले कंपनी मालिक के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके बाद कंपनी मालिक ने एसएसपी वैभव कृष्ण से इसकी शिकायत की थी।
पुलिस के अनुसार, हिमांशु खत्री सेक्टर-2 में माई माइंड इंफोटेक आईटी कंपनी चलाते हैं। हिमांशु ने बताया कि कंपनी सॉफ्टवेयर बनाती है। इस कंपनी में इंदिरापुरम गाजियाबाद निवासी विवेक अखिल सॉफ्टवेयर डिवेलपर के रूप में काम करता था। वर्ष 2006 से वह कैलिफोर्निया, यूएसए निवासी फिल आल्पे कंपनी का क्लाइंट था और उसे सॉफ्टवेयर सप्लाई करता था। विवेक ने मार्च 2015 कंपनी छोड़ दी और अपनी कंपनी बना ली। इसके बाद फिल आल्पे ने माई माइंड कंपनी से अनुबंध खत्म कर विवेक की कंपनी से समझौता कर लिया।
इस दौरान फिल आल्पे ने माई माइंड कंपनी को 1.99 लाख डॉलर नहीं दिए। इसी दौरान विवेक ने माई माइंड कंपनी से वहीं के कर्मचारी के माध्यम से गोपनीय डाटा निकलवा लिया जिसके बाद जनवरी 2016 को माई माइंड कंपनी की तरफ से विवेक अखिल, फिल आल्पे के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि फिल आल्पे, विवेक अखिल, एक स्थानीय रिपोर्टर और स्थानीय पुलिस ने साजिश रचकर 14 नवंबर 18 को माई माइंड कंपनी के खिलाफ ही धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
तब कथित रूप से फिल आल्पे ने आरोप लगाया था कि पैसे लेने के बाद भी घटिया क्वालिटी के सॉफ्टवेयर दिए गए। आरोप है कि माई माइंड कंपनी के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने कराने के बाद विवेक ने कई बार हिमांशु को धमकी दी। पैसों की मांग की और ऑफिस पर कब्जा करने का प्रयास किया। इसके बाद हिमांशु ने एसएसपी वैभव कृष्ण से इसकी शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर साइबर सेल व क्षेत्राधिकारी प्रथम ने जांच की और हिमांशु के आरोप सही पाए गए। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया गया।