फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Fraud by making credit card from another's documents three arrested

दूसरे के दस्तावेज से क्रेडिट कार्ड बनाकर 10 करोड़ की धोखाधड़ी, तीन गिरफ्तार

Mon, 11 Mar 2019 02:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 11 Mar 2019 02:38 AM IST
विज्ञापन
Fraud by making credit card from another's documents three arrested
credit card - फोटो : pexels.com

लोगों के दस्तावेज से फर्जी रूप से क्रेडिट कार्ड बनवाकर 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह सरगना सहित तीन आरोपियों को एसटीएफ ने दबोचा है। आठवीं पास सरगना तीन साल से गिरोह चलाकर फर्जीवाडे़ को अंजाम दे रहा था।

विज्ञापन


एसटीएफ के सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि चार दिन पहले नोएडा के सेक्टर-24 थाने में प्रवीण पुरोहित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके नाम पर किसी ने फर्जी क्रेडिट कार्ड बनवाकर 5 लाख रुपये की शॉपिंग की और रुपये भी निकाल लिए। जांच की गई तो उत्तम नगर, दिल्ली निवासी भूपेंद्र सोनी का नाम सामने आया। इसके बाद एसटीएफ ने भूपेंद्र को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। 
विज्ञापन


उससे पूछताछ के बाद दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी तीरथ राठौर व रोहिणी निवासी चंद्र प्रकाश को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों के कब्जे से 23 क्रेडिट कार्ड, 9 मोबाइल, एसबीआई के क्रेडिट कार्ड के 33 भरे हुए फार्म, 1 लैपटॉप, 8 फर्जी आधार कार्ड समेत काफी संख्या में आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज की फोटो कॉपी मिली। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोगों के दस्तावेज चुराकर उनके सहारे वह तीन साल में 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर चुके हैं। आरोपी वेरिफिकेशन स्वयं करते थे जिसका बैंक को भी पता नहीं चलता था। जो भी दस्तावेज कम पड़ते थे नकली बना लेते थे। आरोपियों ने फर्जी सैलरी स्लिप के आधार पर बड़ी रकम के क्रेडिट कार्ड बनवा रुपये ऐंठ लिए थे।

आठवीं पास गिरोह सरगना ने ऐसे चलाया खेल
आठवीं पास भूपेंद्र सोनी कई टेलीकॉम कंपनी में छह साल से अधिक समय तक काम कर चुका है और पते का सत्यापन करने के लिए घर-घर जाता था। कुछ लोगों ने उसे वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे भी दिए थे तो उसके दिमाग में फर्जी क्रेडिट कार्ड बनाने का ख्याल आया। उसने जिन लोगों का सत्यापन किया था और क्रेडिट कार्ड नहीं बना था। 

उन्हीं के नाम वह फिर से आवेदन करता था और सैलरी स्लिप समेत जो भी दस्तावेज कम पड़ते थे उन्हें फर्जी रूप से बना लेता था। फिर क्रेडिट कार्ड बनवाकर धोखाधड़ी अंजाम दे रहा था। आरोपी ने 2016 में दिल्ली के टीवीएस शोरूम से स्कूटी खरीदी थी और वहीं पर सेल्स मैनेजर तीरथ राठौर से दोस्ती करके उसे साथ मिला लिया। 

तीरथ वाहन खरीदने के लिए जो लोग दस्तावेज देते थे, उन्हें भूपेंद्र को दे देता था। दस्तावेज में आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और सैलरी स्लिप आदि रहते थे। इन दस्तावेज के सहारे आरोपी बैंक की स्टेटमेंट तैयार करके क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते और स्वयं ही सत्यापन कर लेते थे।

जबकि तीसरा साथी चंद्रप्रकाश कई बैंकों में क्रे डिट कार्ड के लिए जो लोग आवेदन करते थे उनके पते का सत्यापन करता था। चंद्रप्रकाश फर्जी रिपोर्ट देता था और कार्ड बन जाता था। वह 2 हजार से 20 हजार रुपये प्रति कार्ड लेता था।


एक हजार को बनाया शिकार
आरोपी क्रेडिट कार्ड से जितने रुपये निकाल सकते थे, निकाल लेते थे। इसके बाद कार्ड से अपने दोस्त और अन्य लोगों को खरीदारी कराकर बदले में रकम ले लेते थे। जबकि कुछ वेंडर भी तैयार कर लिए थे जिनको मजबूरी बताकर पांच फीसदी तक कमीशन दिया जाता था। आरोपी एक हजार से अधिक लोगों को शिकार बना चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed