सोना लूटने वाले बदमाश गिरफ्तार, पुलिस अंधेरे में चला रही थी तीर, सही निशाने पर जा लगी
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सोना लूटने के मास्टर माइंड विकास ने करीब तीन माह पहले भी योजना बनाई थी। उसने एक जानकार को पूरी योजना बताई थी। लेकिन एनकाउंटर के डर से साथी ने इससे इंकार कर दिया था। मगर जब फेज-दो में लूट की वारदात हुई तो युवक को पता चल गया कि यह किसने किया है। इसी बीच दादरी पुलिस का एक दारोगा उस युवक के पास पहुंचा और कहा कि आजकल बहुत लूटपाट कर रहा है। दरअसल, पुलिस अंधेरे में तीर चला रही थी जो कि सही निशाने पर जा लगी। सख्ती से पूछताछ में युवक ने खुद के वारदात में शामिल नहीं होने की बात कर विकास का नाम बता दिया। तुरंत विकास की कॉल डिटेल निकाली गई। जांच में पता चला कि चारों बदमाशों की आपस में बातचीत हो रही है। सभी की निगरानी शुरू कर दी गई। वहीं, सोमवार रात सूचना मिलने पर विशाल मंदिर के पास से चारों को दबोच लिया गया।
कर्मचारियों की वफादारी भी काम आई
मामले में पुलिस कंपनी के दोनों कर्मचारियों पर संदेह कर जांच कर रही थी। गोपनीय तरीके से कॉल डिटेल और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जिस तरह बदमाशों ने वारदात की। उससे काफी हद तक संदेह दोनों पर जा रहा था। मगर लंबे समय से काम करने और निष्ठावान होने के कारण कंपनी अधिकारियों ने उन पर संदेह नहीं किया। जिससे पुलिस को दूसरी लाइन मिल गई।
कॉल डिटेल ने जोड़े तार
पुलिस ने बताया कि विकास और भूपेंद्र एक ही गांव के हैं। भूपेंद्र की इसरार से दोस्ती है। विकास ने लूट की योजना में भूपेंद्र को शामिल किया। जबकि भूपेंद्र ने इसरार को साथ लिया। अब बात सामने आई कि सोना लूटने के बाद इसे कहा बेचा जा सकता है। इस पर विकास ने क्लास मेट अश्विनी को फोन कर बुलाया। लूट की योजना सुनने के बाद अश्वनी तैयार हो गया। मगर सोने की कीमत कम देने पर उसने हामी भरी। लूट के बाद सभी ने सोना अश्विनी को बेच दिया। जिसकी कीमत 30 लाख लगाई गई। अश्वनी ने सोमवार को बढ़पुरा विशाल मंदिर के पास बने कमरे पर तीनों को बुलाया। जहां रुपये बंटने थे। पुलिस की माने तो सूत्रों ने अश्विनी की गतिविधियों पर संदेह जताया था और उसका फोन अक्सर विकास के पास आ रहा था। विकास एनएसईजेड में नौकरी करता था। पहले अश्विनी और फिर विकास इसके बाद भूपेंद्र व इसरार के आपस में कई दिनों तक बातचीत से संदेह गहरा गया।
सर्राफ को मिला ज्यादा हिस्सा
विकास का दोस्त अश्विनी कक्षा आठ में साथ पढ़ा था। 60/40 का करार हुआ। सोना बेचने के बाद 60 फीसदी तीनों में बंटना था। जबकि 40 फीसदी सोना बेचने वाले को रखना था। चूंकि अश्वनी सुनार था। लिहाजा वह तैयार हो गया। लूट के बाद हुआ भी ऐसे ही। 30 लाख रुपये तीनों बदमाशों में बंटे। जबकि अश्विनी ने 400 ग्राम सोना रख लिया था।
बीमा कंपनी और दिव्या क्रिएशन करेंगे दावा
एसएसपी ने बताया कि दिव्या क्रिएशन कंपनी के दो कर्मचारियों से लूटे सोने का बीमा था। अब कंपनी मालिक और बीमा कंपनी के बीच का करार है कि सोने और रकम के लिए अदालत में कौन क्लेम करेगा। बरामद माल का दिव्या क्रिएशन कंपनी के सुमित गुप्ता अदालत के समक्ष दावा कर सकते हैं। उसके बाद उन्हें पैसा और सोना मिल जाएगा।