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Delhi NCR News: डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर ठगी के चार आरोपी गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की साइबर सेल ने की कार्रवाई, आरोपियों के पास से कई बैंक अकाउंट, मोबाइल फोन और सिमकार्ड बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक रैकेट का दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की साइबर सेल ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को दबोचा है। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर म्यूल अकाउंट खोलने के बाद उनको आगे कमीशन पर बेच देते थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमनदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुरेश कुमार और आशू सूद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिमकार्ड के अलावा कई बैंक खाते बरामद किए हैं। इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये की रकम का लेनदेन हुआ है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि आठ अक्तूबर को मयूर विहार निवासी एक शख्स ने 42.95 लाख रुपये साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया।
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पुलिस की पूछताछ में पीड़ित ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उनसे फोन पर संपर्क किया गया। बाद में उनको फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया गया। इसके बाद निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का वादा किया गया। पीड़ित ने करीब 43 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले।
बाद में आरोपियों ने पीड़ित के नंबर को ब्लाॅक कर दिया। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि पीड़ित से ठगी की गई रम 23 अलग-अलग खातों में गई। इसके बाद इस रकम को 742 अलग-अलग खातों में खरीदारी के नाम पर भेज दिया गया। टीम ने दिल्ली-हरियाणा में छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक रैकेट का दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की साइबर सेल ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को दबोचा है। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर म्यूल अकाउंट खोलने के बाद उनको आगे कमीशन पर बेच देते थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमनदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुरेश कुमार और आशू सूद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिमकार्ड के अलावा कई बैंक खाते बरामद किए हैं। इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये की रकम का लेनदेन हुआ है।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि आठ अक्तूबर को मयूर विहार निवासी एक शख्स ने 42.95 लाख रुपये साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया।
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पुलिस की पूछताछ में पीड़ित ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उनसे फोन पर संपर्क किया गया। बाद में उनको फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया गया। इसके बाद निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का वादा किया गया। पीड़ित ने करीब 43 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले।
बाद में आरोपियों ने पीड़ित के नंबर को ब्लाॅक कर दिया। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि पीड़ित से ठगी की गई रम 23 अलग-अलग खातों में गई। इसके बाद इस रकम को 742 अलग-अलग खातों में खरीदारी के नाम पर भेज दिया गया। टीम ने दिल्ली-हरियाणा में छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया।