फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   foundation stone laying ceremony of Ram temple may on Ram Navami 

रामनवमी को हो सकता है राम मंदिर का शिलान्यास, मौजूद रहेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Fri, 07 Feb 2020 05:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 07 Feb 2020 05:26 AM IST
विज्ञापन
foundation stone laying ceremony of Ram temple may on Ram Navami 
ram mandir - फोटो : अमर उजाला

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य रामनवमी यानी दो अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। शिलान्यास के कार्यक्रम के दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का संदेश देश-दुनिया को देने के लिए कई विदेशी मेहमानों को भी निमंत्रण दिए जाने पर विचार विमर्श हो रहा है।

विज्ञापन


मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के दौरान राम लला को कुछ समय के लिए हटाया जा सकता है। अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि संभवत: गर्भगृह निर्माण के दौरान ऐसी स्थिति आ सकती है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का हिंदुओं के लिए ईसाईयों के वेटिकन सिटी और मुसलमानों के मक्का की तरह ही महत्व है। ऐसे में भव्य मंदिर का निर्माण होगा।
विज्ञापन


श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित करते समय निर्मोही अखाड़े की भावी भूमिका पर खूब मंथन हुआ। निर्मोही अखाड़ा मंदिर आंदोलन में सक्रिय होते हुए भी श्री राम जन्मभूमि न्यास का प्रतिद्वंद्वी था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के कारण निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देना अनिवार्य था। इसलिए ट्रस्ट में इस अखाड़े को जगह तो दी गई, मगर इसके सदस्य दिनेंद्र दास को मताधिकार नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

ट्रस्ट में सोच समझकर किया गया लोगों को शामिल: स्वामी परमानंद

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल किए गए युगपुरुष स्वामी परमानंद जी महाराज ने गुरुवार को मवईधाम में कहा कि ट्रस्ट में लोगों को सोच समझकर शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि प्रभु श्रीराम के गगनचुंबी भव्य मंदिर का निर्माण भी प्रभु के दिन रामनवमी से ही शुरू हो।

मूलरूप से जिले के मवईधाम निवासी स्वामी परमानंद जी महाराज ने गुरुवार को अपना समय मवईधाम में बिताया। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण आंदोलन से शुरू से ही जुड़े रहे, लेकिन कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें ट्रस्ट में शामिल किया जाएगा। सपने में भी नहीं सोचा था, लगता है परमात्मा ने चाहा है। देश का पुराना गौरव जो हजारों साल पहले था पुन: स्थापित होने जा रहा है। 


जैसे राम ने तरह-तरह के सभी लोगों को इकठ्ठा किया था, उसी प्रकार रामकाज के लिए सभी लोग इकठ्ठा हो रहे हैं। सभी इस निमित्त कार्य को करेंगे, तो भारत विश्व गुरु बनेगा। कहा कि कभी-कभी उन्हें लगने लगता था कि कहीं राम मंदिर निर्माण की बात राजनीति ही तो नहीं है। प्रश्न होते थे, आंदोलन चुनाव के समय पर ही क्यों होते हैं, तो उत्तर देना मुश्किल हो जाता था। अंदर की सच्ची कामना साकार होती है तो खुशी मिलती है। 

इतना तो विश्वास था कि विहिप, आरएसएस राष्ट्रहित के विपरीत नहीं जा सकते। ट्रस्ट में सब बैठेंगे, बातचीत होगी। भव्य मंदिर का मॉडल तो वहीं रहना चाहिए। प्रस्तावित मॉडल ही सारे समाज को दिखाया गया है। गगनचुंबी होगा, विशेष होगा। पत्थर वही होंगे जो तराशे गए हैं। अस्सी प्रतिशत तो काम हुआ पड़ा है। मशीनें हैं, रखती चली जाएंगी। 

स्वामी परमानंद ने कहा कि कई लोग कहते थे कि महात्मा हो भजन करो, मंदिर हृदय की इच्छा थी, राजनीति नहीं थी। यदि राजनीति होती तो हम कब का हट जाते। जब शिलापूजन करते थे तो अक्सर देर रात हो जाती थी। सुबह से फिर जुट जाते थे सभी। देशहित में बहुत काम किया। सच तो यह है कि असफलता में दुख तो जरूर होता है पर उपरांता नहीं। 

मैं तो मोहम्मद गोरी से प्रेरणा लेता हूं कि वह कई बार हारा लेकिन लगा रहा। उपरांता नहीं हुआ। स्वामी ने कहा कि आंदोलन से जुड़ने का प्रेरक तो मुख्य विहिप है, इच्छाएं हमारी रहीं। विश्वामित्र की इच्छा व राम, लक्ष्मण का सहयोग है। विहिप लक्ष्मण, आरएसएस राम और हम लोग विश्वामित्र की भूमिका में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed