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फोर्टिस के चिकित्सक पर होगी कार्रवाई, युवक के दाएं पैर की जगह की थी बाएं पैर की सर्जरी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Jul 2016 11:10 PM IST
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रवि राय, मरीज
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दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही के मामले में अगले माह कार्रवाई संभव है। अस्पताल से जब्त चिकित्सीय दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की जा रही है और अगले माह में इस मामले को दिल्ली चिकित्सा परिषद (डीएमसी) की अनुशासन समिति के समक्ष कार्रवाई के लिए रखा जाएगा।
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शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के चिकित्सक पर एक युवक के दाएं पैर की जगह से बाएं पैर की सर्जरी करने का आरोप है। दिल्ली चिकित्सा परिषद (डीएमसी) के रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश त्यागी ने बताया कि इस मामले में अस्पताल से जब्त दस्तावेजों और ऑपरेशन में शामिल चिकित्सक और दूसरे कर्मियों से पूछताछ की गई थी।
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जांच रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद इस पूरे मामले को डीएमसी के अनुशासन समिति के समक्ष रखा जाएगा।
आरोप सिद्ध होने पर रद्द हो सकता है चिकित्सक का पंजीकरण
चिकित्सक
इसके बाद अनुशासन समिति भी जरूरत पड़ने पर आरोपी चिकित्सक और कर्मी को पूछताछ के लिए बुला सकती है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगस्त माह में इस मामले में कार्रवाई संभव है।
डॉ. त्यागी ने कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने पर चिकित्सक का दिल्ली चिकित्सा परिषद से पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा दूसरी कार्रवाई भी संभव है।
इस मामले में दोष साबित होने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार डीएमसी की अनुशासन समिति को ही है।
डॉ. त्यागी ने कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने पर चिकित्सक का दिल्ली चिकित्सा परिषद से पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा दूसरी कार्रवाई भी संभव है।
इस मामले में दोष साबित होने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार डीएमसी की अनुशासन समिति को ही है।