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योगी तक पहुंचा पूर्व OSD का मामला, त्यागी बोले- मेरे पास कोई अघोषित संपत्ति नहीं

Mon, 24 Apr 2017 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 24 Apr 2017 10:46 AM IST
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 former OSD yashpal tyagi case reached to uttar pradesh cm yogi adityanath
पूर्व ओएसडी के घर पड़ा छापा - फोटो : लाल स‌िंह/अमर उजाला

प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी तक तीनों प्राधिकरणों में पूर्व ओएसडी रहे यशपाल त्यागी का मामला पहुंच गया है। 

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अक्तूबर 2011 में नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में 8000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप की जांच लोकायुक्त से कराने की मांग करने वाले मौलिक भारत संस्था के प्रमुख सेवानिवृत्त कैप्टन विकास गुप्ता ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र की प्रति के साथ एक पत्र के जरिये पूरे मामले की जानकारी पहुंचाई है। वहीं, यशपाल त्यागी ने किसी भी तरह की अघोषित संपत्ति से इनकार किया है।
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कैप्टन विकास गुप्ता ने अक्तूबर 2011 में तत्कालीन लोकायुक्त उत्तर प्रदेश को पत्र लिखा था, जिसमें यशपाल समेत प्राधिकरण के चार अधिकारियों पर नोएडा ग्रुप हाउसिंग स्कीम 2009-10 व 2010-11 में 8000 करोड़ रुपये घोटाले का आरोप लगाया था। इनमें पूरे तथ्य देते उन्होंने कुछ चयनित निवेशकों को भूमि आवंटन में लाभ पहुंचाने का आरोप शामिल किया था। 
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मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि लोकायुक्त में शिकायतें दर्ज करके, उच्च व उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं दायर करके घोटाले उजागर कर चुका हूं। यादव सिंह घोटाले की सीबीआई जांच इसी वजह से संभव हो सकी है। इससे पहले त्यागी के खिलाफ लोकायुक्त के यहां ग्रुप हाउसिंग घोटाले के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। 

आरोप लगाया कि पिछली बसपा और सपा सरकार में गठजोड़ के चलते सभी जांच दबा दी गई थीं। इस गठजोड़ में यादव सिंह, यशपाल त्यागी, आनंद कुमार आदि और अन्य अफसरों के नाम शामिल रहे हैं।

मेरे पास कोई अघोषित संपत्ति नहीं

 former OSD yashpal tyagi case reached to uttar pradesh cm yogi adityanath
osd raid

उधर, यशपाल त्यागी ने कहा कि कैश और जेवरात की रिकवरी के बारे में भ्रामक खबरें सामने आ रही हैं। सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। पूरे परिवार के पास कैश की कुल रकम मात्र 3,53,900 रुपये पाई गई जो आयकर विभाग की जांच टीम द्वारा प्रमाणित भी की गई है। धनराशि आयकर विभाग द्वारा सर्च में ही हमें वापस कर दी गई है। 

उन्होंने कहा कि पूरे परिवार से प्राप्त जेवरात का कुल मूल्य 26,50,570 रुपये आंका गया। आयकर विभाग द्वारा जेवरात हमें सर्च के दौरान ही वापस कर दिए गए। मेरे पास कोई अघोषित संपत्ति नहीं है। मेरा अपने पुत्र के बिजनेस से कभी भी संबंध नहीं रहा है। आयकर विभाग के छापे के दौरान हमारे पूरे परिवार ने पूरे सहयोग के साथ जांच की करवाई है और आगे भी जांच में हमारा पूर्ण सहयोग जारी रहेगा।

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