जैन की बेटी की जांच CBI को सौंपे जाने पर बोले केजरीवाल- 'मोदीजी रिश्वत खा ईमानदारों पर केस करते हो'
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पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने जाते-जाते स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बेटी सौम्या जैन की स्वास्थ्य विभाग के स्टेट हेल्थ मिशन में सलाहकार पद पर नियुक्ति और इस्तीफा देने की जांच सीबीआई को भेज दी है।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बेटी की नियुक्ति का खुलासा और विवाद सामने आने पर जैन ने पहले कहा था कि वह राजनीतिक सलाहकार भी थी लेकिन बाद में सौम्या जैन ने इस्तीफा दे दिया था। इस बीच उपराज्यपाल ने नियुक्ति की फाइल मंगवा ली थी।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई को नियुक्ति संबंधी मामले की जांच सौंपे जाने के बाद आप सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले में फाइल से जुड़े अधिकारियों से जल्द पूछताछ होने की संभावना है।
इसी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार सुबह ट्वीट करते हुए सीधे पीएम मोदी को चुनौती दी कि, 'आप अपनी कमिटी बना लो, हमारी सारी नियुक्तियों की जाँच करा लो। हम एक कमिटी बनाते हैं, उस से सहारा बिरला रिश्वत कांड की जाँच करा लो? मंज़ूर?'
आप अपनी कमिटी बना लो, हमारी सारी नियुक्तियों की जाँच करा लो। हम एक कमिटी बनाते हैं, उस से सहारा बिरला रिश्वत कांड की जाँच करा लो? मंज़ूर? https://t.co/zGoWr1oKHG
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 30, 2016
CBI has regd 7 cases agnst Satinder n 2 against sisodia. मोदीजी, बिरला और सहारा से रिश्वत खाकर ईमानदारों पर केस करते हो? चोरी और सीनाज़ोरी https://t.co/WCY0Q3luKu
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 30, 2016
हमें किसी भी जाँच से डर नहीं लगता क्योंकि कुछ ग़लत नहीं किया। फिर आपको जाँच से डर क्यों लगता है? https://t.co/W4SEAm355X
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 30, 2016
उपराज्यपाल की संस्तुति पर सीबीआई को सौंपी गई जांच
सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल की संस्तुति पर सीबीआई को विभाग की तरफ से इसी महीने भेजे गए पत्र में नियुक्ति से जुड़े चार-पांच सवाल उठाए गए हैं। सौम्या जैन की इसी साल 18 अप्रैल को सलाहकार पद पर नियुक्ति, 1 अप्रैल को आवेदन करने और 10 मई को मंजूरी देने को लेकर संशय दर्शाया गया है।
इस बात को लेकर भी सवाल उठाया गया है कि उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है। सौम्या आर्किटेक्चर हैं तो फिर यहां नियुक्ति क्यों की गई? नियुक्ति में कोई विज्ञापन देकर पारदर्शी प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई? जब स्वास्थ्य मंत्री ने मानदेय नहीं लेने की बात कही थी तो फिर प्रशिक्षण और दौरे पर 1.15 लाख रुपये खर्च क्यों किए गए।
उल्लेखनीय है कि शुंगलू कमेटी की तरफ से 400 फाइलों की जांच के दौरान नजीब जंग ने कहा था कि चुनी हुई सरकार ने सब कुछ ठीक किया है तो जांच से डरने की क्या जरूरत है। साथ में यह भी लिखा था कि कुछ फाइलों में अनियमितताएं मिली हैं, जिसकी जांच सीबीआई को भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है।
सत्येंद्र जैन ने सभी आरोपों को खारिज किया
इस बीच, भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि एलजी दफ्तर की ओर से सीबीआई जांच की सिफारिश से साफ है कि आप की सरकार नियुक्तियों के मामले में गड़बड़ी कर रही है।