इंतजार खत्म: दिल्ली की नई लोकायुक्त होंगी रेवा खेत्रपाल
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दिल्ली की नई लोकायुक्त दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल होंगी। नवंबर, 2013 से खाली नियुक्ति पर उपराज्यपाल नजीब जंग की अध्यक्षता वाली बैठक में मुहर लगी।
बैठक में मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता शामिल हुए। लोकायुक्त की नियुक्ति में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अलग-अलग उम्मीदवार के पक्ष में थे जिससे मामला खिंच रहा था। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार भी रेवा खेत्रपाल को लोकायुक्त के तौर पर चाहती थी।
नियुक्ति समिति के सदस्य व नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने सर्वसम्मति की पुष्टि की है। गुप्ता ने कहा है कि 21 अक्तूबर को उपराज्यपाल फैसले के अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति को भेजेंगे। लंबित मामले का तार्किक समाधान हो गया है।
केजरीवाल ने पैनल में भेजा था खेत्रपाल का का नाम
रेवा खेत्रपाल पदभार संभालेंगी, जो नवंबर, 2013 में मनमोहन सरीन के सेवानिवृत्त होने के बाद से खाली है। पद खाली होने के कारण जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मामलों की सुनवाई लंबित है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को लिखे गए पत्र में खेत्रपाल के अलावा उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बिलाल नाजकी, पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जसबीर सिंह का नाम भी पैनल में भेजा था।
दिल्ली में लोकायुक्त की नियुक्ति में देरी को लेकर कांग्रेस ने पूरी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किए थे, तो भाजपा भी लगातार हमले बोल रही थी, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार का कहना था कि वर्तमान कानून में लोकायुक्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सक्षम नहीं है।
जानिए कौन हैं रेवा खेत्रपाल
यही वजह है कि जनलोकपाल कानून के बनने पर लोकायुक्त की नियुक्ति चाहते थे जिसमें कड़े प्रावधान का ड्राफ्ट केजरीवाल सरकार ने पिछली सरकार में ही तैयार किया था। अगले विस सत्र में पेश किए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गत दिनों दी है।
शिमला में 23 सितंबर, 1952 में जन्मीं रेवा खेत्रपाल को लेकर विजेन्द्र गुप्ता ने कहा है कि उन्हें पूरे न्यायिक कैरियर में उच्च नैतिक मानक, साहस और निष्ठा के लिए जाना जाता है।
खेत्रपाल 1991 में जिला एवं सत्र न्यायधीश नियुक्त हुईं। फिर 1994 में विशेष न्यायधीश (नारकोटिक्स)। इसके बाद 1999 में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में सचिव बनाई गईं। खेत्रपाल 28 फरवरी, 2006 में अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर खंडपीठ में आईं और 25 अप्रैल, 2007 को स्थायी न्यायाधीश बनीं।