{"_id":"ebba21f16f043ac28d6cb87d20dc206f","slug":"former-district-secretary-of-the-bsp-shot-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा के पूर्व जिला सचिव की गोली मारकर हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसपा के पूर्व जिला सचिव की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 16 Feb 2014 02:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाइक सवार तीन बदमाशों ने बसपा के पूर्व जिला सचिव डॉ. अमरपाल जाटव की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। वारदात जीवन गेट के पास शनिवार शाम छह बजे हुई।
विज्ञापन
आठ माह पहले उनके छोटे भाई मदन पाल की हत्या कर दी गई थी। अमरपाल भाई की हत्या के केस की पैरवी कर रहे थे। पुलिस इसी रंजिश को वारदात की वजह मान रही है। बसपा नेता ने तीन माह पहले लोनी थाने में शिकायत भी की थी। अमरपाल हापुड़ में आलमनगर गढ़ के रहने वाले थे।
विज्ञापन
वे 20 साल से आजाद एंक्लेव कालोनी में रह रहे थे। वे रामलीला ग्राउंड में बसपा के लोनी महोत्सव कार्यक्रम से घर लौट रहे थे। आटो से उतरते ही बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां बरसा दीं। पुलिस उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
बसपा के वेस्ट यूपी प्रभारी मुनकाद अली, विधायक जाकिर अली और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए। बसपा नेताओं ने हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
भाई की हत्या के केस की कर रहे थे पैरवी
छोटे भाई मदनपाल की 19 जून 2013 को पैतृक गांव आलमनगर में हत्या कर दी गई थी। गांव के ही नानक, केशव, ओमपाल और विवेक को नामजद कराया गया था।
तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया था, जबकि ओमपाल भागा हुआ था। बसपा नेता इस केस की पैरवी कर रहे थे। डॉ. नेपाल ने बताया कि जेल भेजे गए तीनों आरोपी भी इन दिनों जमानत पर बाहर हैं।
भाई की हत्या के मामले में 18 तारीख को गाजियाबाद कोर्ट में गवाही देना था। इस मामले को लेकर लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
शिकायतों के बावजूद पुलिस रही बेखबर
पुलिस सुध लेती तो डॉ. अमरपाल की जान बच सकती थी। करीब तीन माह पहले उन्होंने लोनी थाने में शिकायती पत्र देकर हत्या की आशंका जताई थी कि उनके भाई के हत्यारोपी उन पर फैसले के लिए दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
भाई डा. नेपाल ने बताया कि 18 फरवरी को गाजियाबाद कोर्ट में डॉ. अमरपाल की गवाही थी, जिसकी वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी। दूसरी ओर हत्या के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। डॉ. अमरपाल की मां संतोष, पिता सनसुख, पत्नी सुमन, भाई डा. नेपाल और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।